उमेश पाल हत्याकांड: गया जेल में बंद अरमान को मिला सरकारी वकील
तीन साल से फरार पांच लाख के इनामी अरमान ने अदालत मे पेशी पर वकील न होने की लगाई थी गुहार

प्रयागराज। बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद अरमान उर्फ अरमान बिहारी के मुकदमे में अब सरकारी अधिवक्ता चीफ डिफेन्स काउंसिल विकास गुप्ता पैरवी करेंगे। निजी वकील नहीं होने पर अरमान ने अदालत से निशुल्क कानूनी सहायता मांगी थी। इसके बाद विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) एवं अपर सत्र न्यायाधीश कुमार मयंक ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिखकर सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराने की पहल की थी। अरमान को तीन साल से अधिक समय तक तलाशने के बाद पुलिस ने उसके बिहार की गया केंद्रीय जेल में बंद होने का पता लगाया था। पांच लाख रुपये का इनामी रहा अरमान 5 अक्टूबर 2026 को प्रयागराज की विशेष अदालत में पेश किया गया था। वह उमेश पाल और उनके दो सरकारी सुरक्षाकर्मियों की 24 फरवरी 2023 को हुई हत्या के मामले में आरोपी बनाया गया है। हत्या के मुकदमे के अलावा अरमान को गैंगस्टर एक्ट के मामले में भी प्रयागराज की अदालत में पेश होना है। विशेष गैंगस्टर अदालत ने 9 अक्टूबर को उसे 22 अक्टूबर को गया जेल से तलब करने के लिए उपस्थिति वारंट जारी करने का निर्देश दिया था। इस मुकदमे में गुड्डू मुस्लिम और साबिर भी आरोपी हैं।अब सरकारी अधिवक्ता विकास गुप्ता की पैरवी के बीच अरमान से जुड़े दोनों मामलों की आगामी न्यायिक कार्यवाही पर नजर रहेगी। जो अब तक सैकड़ो गरीब कैदीयों क़ो निःशुल्क छुड़ा चुके है। हालांकि, हत्याकांड में आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।

