शब्द साहित्यिक संगोष्ठी कार्यक्रम में “बोलियों एवं साहित्य में माघमेला”संगोष्ठी हुई आयोजित
शब्द साहित्यिक संगोष्ठी कार्यक्रम में "बोलियों एवं साहित्य में माघमेला"संगोष्ठी हुई आयोजित
प्रयागराज उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र प्रयागराज संस्कृतिक भारत सरकार द्वारा चलो मन गंगा यमुना तीर के अंतर्गत केन्द्र परिसर में आयोजित शब्द साहित्यिक संगोष्ठी कार्यक्रम में "बोलियों एवं साहित्य में माघमेला" विषय पर साहित्यिक संवाद के अंतर्गत डॉ पुष्पेंद्र प्रताप सिंह निदेशक प्रकृतिवेदा रिसर्च इंस्टीट्यूट, प्रयागराज एवं वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य प्रयागराज ने "बोलियों एवं साहित्य में माघमेला" विषय पर बोलते हुए कहा कि "प्रयागराज के गंगा यमुना सरस्वती के पावन संगम तट पर माघ मास में लगने वाला यह मेला केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि बोलियों, लोकगीतों, कथाओं और लोकविश्वासों का विशाल मंच है। यहाँ जनभाषाएँ अपने सहज रूप में जीवन, आस्था और अनुभव को अभिव्यक्त करती हैं।
अवधी, भोजपुरी, ब्रज,...









