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नारी — सम्मान, संस्कार, संघर्ष और संस्कृति” विषय पर एक भव्य नारी संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

 

नारी — सम्मान, संस्कार, संघर्ष और संस्कृति” विषयक नारी संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

भोपाल। पूनम संत महिला एवं विकास समिति के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में “नारी — सम्मान, संस्कार, संघर्ष और संस्कृति” विषय पर एक भव्य नारी संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन होटल द शीशम ट्री (नजदीक चेतक ब्रिज), भोपाल में किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम संत रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय संयोजिका इसाबेल ब्रेंडिश उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष भावना कैथवास ने की।

कार्यक्रम का सरल एवं गरिमामय संचालन मध्य प्रदेश प्रभारी डेज़ी रानी जैन के द्वारा किया गया तथा सह-संचालन प्रदेश महासचिव अनीता वाधवानी ने किया।

कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके पश्चात मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

संगोष्ठी में विषय “नारी — सम्मान, संस्कार, संघर्ष और संस्कृति” पर अपने विचार रखते हुए डॉ. साधना गंगराडे (वरिष्ठ लेखिका), नीलम विजयवर्गीय (वरिष्ठ समाजसेविका), डॉ. कुमुदनी शर्मा (वरिष्ठ मनोचिकित्सक) तथा शालिनी सिंह परमार (वरिष्ठ अधिवक्ता) ने नारी शक्ति, समाज में महिलाओं की भूमिका तथा वर्तमान समय में महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता पर अपने प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर संस्था द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं — “बेटी है तो कल है”, “मिशन दुर्गा” एवं “सखी जोड़ो अभियान” — के बारे में क्रमशः शकुन अनुप, नीरा सिन्हा तथा अवनीत कौर ने विस्तार से जानकारी प्रदान की। इन योजनाओं की भावना को दर्शाते हुए बालिकाओं द्वारा अत्यंत सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं।

संगोष्ठी के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली मातृशक्ति को सम्मानित किया गया। इनमें प्रमुख रूप से ज्योति बसंता(समाजसेवा), मनोरमा पंत (साहित्य), एडवोकेट आकृति सक्सेना (न्याय एवं विधि), नीलम मनचन्दा (समाजसेवा), संगीता काजले (प्रशासन), डॉ. डी. पी. सिंह (प्रशासन), विवा जोशी (समाजसेवा), निरूपा जोशी (सांस्कृतिक), प्रीति डाबी(समाजसेवा), श्रीमती शुभा कामरीशी (उद्यमिता), रांची रैकवार (पत्रकारिता), विद्या गिनरे (प्रशासन), भावना माधवानी(योग), डॉ. संगीता राजवीर (पर्यावरण), अंजू सबरवाल (शिक्षा), प्रियंका ठाकुर (आध्यात्मिक), डॉ. अंजना सिंह मर्सकोले (चिकित्सा), सविता मालवीय (समाजसेवा), कृष्णा सिंह (समाजसेवा), प्रियंका सिंह (प्रशासन), दिशा पाडक (योग), श्रीमती चमेली पवार (प्रशासन), इंदिरा सोनपुरे (समाजसेवा), डॉ. संगीता चौरसिया (शिक्षा), डॉ. दिनशा वरनदानी (चिकित्सा), वर्षा साहू (सांस्कृतिक), डॉ. प्रीति चोपड़ा (चिकित्सा), रश्मि गुर्जर (उद्यमिता), डॉ. आयुषी गोयल (चिकित्सा), रचना भार्गव(शिक्षा), एडवोकेट हिमांशी अरोड़ा (विधि एवं न्याय) तथा रश्मिता कौर गांधी (उद्यमिता) को उनके-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूनम संत ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के समग्र विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि नारी सशक्त और जागरूक होगी तो परिवार, समाज और राष्ट्र स्वतः सशक्त होगा। उन्होंने संस्था द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के माध्यम से महिलाओं को जागरूक, आत्मनिर्भर और संगठित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में प्रदेश समिति के पदाधिकारी, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही.

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