तीर्थराज प्रयागराज माघ मेला में श्रीमद्भागवत कथा का चतुर्थ दिवस सनकादिक–नारद संवाद से ज्ञान-वैराग से कथा का आरम्भ हुआ
तीर्थराज प्रयागराज माघ मेला में श्रीमद्भागवत कथा का चतुर्थ दिवस
सनकादिक–नारद संवाद से ज्ञान-वैराग से कथा का आरम्भ हुआ
कौशाम्बी। तीर्थराज प्रयागराज के पावन माघ मेला क्षेत्र अंतर्गत गैविनाथ अन्य क्षेत्र, पार्टून पुल नंबर–6 के समीप आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर कथा स्थल भक्तिरस और वैराग्य भाव से ओत-प्रोत हो उठा। चतुर्थ दिवस की कथा में पुराणों में वर्णित सनकादिक ऋषियों एवं महर्षि नारद के दिव्य संवाद का सजीव और भावपूर्ण वर्णन किया गया, वामन अवतार, ध्रुव की भक्ति, नरसिंह का प्रकट होना कृष्ण का जन्म, समुद्र मंथन की कथा सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो गए। कथा व्यास पूज्य आचार्य व्यास सतानन्द जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रमाणों के साथ वर्णन करते हुए बताया कि जब सनक, सनंदन, सनातन और सनत्कुमार—इन चारों ब्रह्मज्ञान में पारंगत ऋषियों ने महर्षि नारद जी को भक्ति की महिमा ...









