हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के एकीकरण की उठी मांग
अधिवक्ता कृष्ण मनोहर तिवारी ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और एडवोकेट एसोसिएशन को सौंपा ज्ञापन
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के “एक न्यायालय एक बार” सिद्धांत के अनुरूप दोनों बार संगठनों के विलय की हुई पहल

विधि संवाददाता
प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अधिवक्ताओं के दो प्रमुख संगठनों हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और एडवोकेट एसोसिएशन के एकीकरण की मांग को लेकर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता कृष्ण मनोहर तिवारी ने शुक्रवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे बबुआ और महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा को संबोधित ज्ञापन बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजकुमार त्रिपाठी और संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पांडेय आरडी को सौंपा।
ज्ञापन के जरिए अधिवक्ता कृष्ण मनोहर तिवारी ने मांग की है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के ‘एक न्यायालय एक बार’ सिद्धांत के अनुरूप इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दोनों बार संगठनों का ऐतिहासिक एकीकरण होना समय की मांग है, जिससे अधिवक्ताओं की सामूहिक आवाज और प्रशासनिक समन्वय मजबूत हो सके। अधिवक्ता कृष्ण मनोहर तिवारी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की गौरवशाली परंपरा महान विधिवेत्ताओं और अधिवक्ताओं की एकता की मिसाल रही है। वर्ष 1873 और 1875 में स्थापित संगठनों ने 1957 में एकजुट होकर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का स्वरूप लिया था, जबकि 1994 में विशेष परिस्थितियों के कारण एडवोकेट एसोसिएशन का गठन हुआ। ज्ञापन में सुझाव दिया गया है कि एल्डर कमेटी के संरक्षण में दोनों संगठनों के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं की संयुक्त बैठक बुलाई जाए तथा अधिवक्ताओं के बीच खुला संवाद स्थापित कर विभाजन के कारणों का समाधान निकाला जाए। इसके साथ ही एक विशेष ‘एकीकरण समिति’ के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया है, जो सर्वसम्मति से ऐसा मॉडल तैयार करे, जिसमें सभी अधिवक्ताओं का सम्मान और अधिकार सुरक्षित रह सके। अधिवक्ता कृष्ण मनोहर तिवारी ने विश्वास व्यक्त किया है कि यदि यह पहल सफल होती है तो यह पूरे देश के विधिक समुदाय के लिए एक मिसाल बनेगी और आने वाली पीढ़ियों को एक सशक्त एवं अखंड बार एसोसिएशन भी मिल सकेगी। इस मौके पर उपाध्यक्ष राजकुमार त्रिपाठी, संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पांडेय आरडी, कार्यकारिणी सदस्य बलदेव शुक्ला, गिरीश चंद्र शुक्ला, अवनीश चंद्र त्रिपाठी आदि लोग उपस्थित रहे।
