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आर्य कन्या महाविद्यालय में एनएसएस विशेष शिविर का चतुर्थ दिवस संपन्न

आर्य कन्या महाविद्यालय में एनएसएस विशेष शिविर का चतुर्थ दिवस संपन्न

प्रयागराज। आर्य कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के विशेष शिविर का चतुर्थ दिवस उत्साह और सक्रिय सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल योग, प्राणायाम, प्रार्थना तथा व्यायाम से हुई, जिससे स्वयंसेविकाओं में शारीरिक एवं मानसिक ऊर्जा का संचार हुआ।

प्रथम सत्र में हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट की समन्वयक ज्योति मिश्रा ने तनाव, इमोशनल बैगेज और पियर प्रेशर से सकारात्मक तरीके से निपटने के उपाय बताए। उन्होंने हार्टफुलनेस रिलैक्सेशन तकनीक के माध्यम से लगभग पंद्रह मिनट का श्वास संबंधी अभ्यास कराया, जिससे स्वयंसेविकाओं ने स्वयं को ताजगी और ऊर्जा से भरपूर महसूस किया।

द्वितीय सत्र के मुख्य वक्ता प्रभाकर तिवारी थे। उन्होंने स्वयंसेविकाओं को व्यक्तित्व विकास एवं कम्युनिकेशन स्किल्स के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति अपने नाम और पहचान से विशिष्ट होता है तथा भाषा की शक्ति को समझते हुए प्रभावी संवाद कौशल विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।

तृतीय सत्र में नगर निगम प्रयागराज द्वारा स्वच्छता विषय पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसका निर्देशन कृष्ण कुमार मौर्य ने किया तथा कलाकारों में पिंटू, प्रीति और हेमा शामिल रहे। पहला नाटक गीले और सूखे कचरे के सही प्रबंधन पर आधारित था, जबकि दूसरा नाटक महिलाओं की माहवारी से जुड़ी सामाजिक धारणाओं पर केंद्रित था। यह प्रस्तुति अत्यंत भावनात्मक रही, जिससे कई स्वयंसेविकाएं भावुक हो उठीं। नाटक के पश्चात आयोजित संवाद सत्र में छात्राओं ने इस विषय पर खुलकर चर्चा की और समाज के व्यवहार पर अपने विचार व्यक्त किए।

चतुर्थ सत्र परमार्थ निकेतन, त्रिवेणी पुष्प के संतोष गुप्ता द्वारा संचालित किया गया। उन्होंने स्वयंसेविकाओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया तथा उन्हें एक किट वितरित की, जिसमें तेल, क्रीम और साबुन जैसी उपयोगी वस्तुएं शामिल थीं।

पंचम सत्र साइबर क्राइम और मिशन शक्ति पर आधारित रहा। शीतला प्रसाद के नेतृत्व में एसआई अभिषेक वर्मा ने साइबर फ्रॉड के प्रमुख कारणों और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में बताते हुए गृह मंत्रालय द्वारा संचालित एनसीआरपी और आईसी4 की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध केवल वित्तीय धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें हैकिंग, चाइल्ड पोर्नोग्राफी और अन्य ऑनलाइन अपराध भी शामिल हैं। इससे बचाव के लिए ईमेल सेटिंग्स को समझना, घबराहट से बचना, पुलिस से संपर्क करना तथा पासवर्ड और पिन कोड का नियमित रूप से अपडेट करना आवश्यक है। इसी सत्र में विकास चौधरी ने मिशन शक्ति फेज-5 के अंतर्गत महिलाओं की निर्णय लेने की क्षमता और सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला तथा हेल्पलाइन नंबर 1076, 1090 और 112 के बारे में जानकारी दी। साथ ही महाविद्यालय के निकटस्थ थाने का आधिकारिक नंबर भी स्वयंसेविकाओं को उपलब्ध कराया गया।

शिविर का कुशल संचालन अध्यक्ष शासी निकाय पंकज जायसवाल एवं प्राचार्या प्रो. अर्चना पाठक के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम के सफल समन्वयन में प्रभारी डॉ रंजना त्रिपाठी, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. भारती, डॉ. दामिनी, डॉ. शिवानी एवं डॉ. सुधा का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. नीलांजना जैन, डीन प्रो. अंजू श्रीवास्तव, डॉ. हेमलता, डॉ. निशा खन्ना, डॉ. राधारानी सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं सभी स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहीं।

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