सौंदर्य प्रसाधनों पर “पिंक लूट” रोकने के लिए महिलाएं बिल लेना करें अनिवार्य — कृष्णा बहल

डिजिटल पेमेंट से बचकर कर चोरी कर रहे कुछ दुकानदार, सरकार को हो रहा भारी राजस्व नुकसान — अखिल भारतीय युवा खत्री समाज की अपील
प्रयागराज।
महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधन संबंधी उत्पादों की खरीदारी में हो रही अनियमितताओं एवं तथाकथित “पिंक लूट” को लेकर अखिल भारतीय युवा खत्री समाज (रजि.) दिल्ली ने महिलाओं एवं युवतियों से जागरूक उपभोक्ता बनने की अपील की है।
समाचार पत्र के विशेष संवाददाता से वार्ता करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा बहल ने बताया कि वर्तमान में कई दुकानदार सौंदर्य प्रसाधन सामग्री की बिक्री के दौरान UPI एवं Paytm जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों से भुगतान लेने से बचते हैं तथा ग्राहकों को बिल देने से भी मना कर देते हैं। इसके पीछे उत्पादों की अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) और वास्तविक खरीद मूल्य के बीच अत्यधिक अंतर प्रमुख कारण है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि किसी लिपस्टिक की MRP ₹100 अंकित है, तो उसका वास्तविक खरीद मूल्य लगभग ₹30 होता है और GST का भुगतान भी इसी मूल्य के आधार पर किया जाता है। ऐसे में कर चोरी करने वाले दुकानदार बिल जारी नहीं करते, जिससे सरकार को हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
श्री बहल, जो पिछले लगभग 50 वर्षों से देश की प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रसाधन निर्माण कंपनियों से जुड़े रहे हैं तथा महिलाओं के हितों से संबंधित सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं, ने कहा कि महिलाओं एवं युवतियों को प्रत्येक खरीदारी पर बिल लेना चाहिए। इससे GST चोरी पर रोक लगेगी तथा सरकार प्राप्त राजस्व से महिलाओं के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर सकेगी।
इस विषय पर अखिल भारतीय युवा खत्री समाज (रजि.) दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनन्द जी टंडन (पप्पन जी) ने भी महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि जागरूक उपभोक्ता बनना समय की आवश्यकता है। बिल लेने की आदत न केवल उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा करती है बल्कि पारदर्शी व्यापार व्यवस्था को भी मजबूत बनाती है।
श्री बहल ने कहा कि यदि ग्राहक बिल लेने पर जोर दें तो दुकानदार कम से कम 30 प्रतिशत तक की छूट देने की स्थिति में आ सकते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
अंत में उन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय को प्रमुखता से उठाने हेतु समाचार पत्र के विशेष संवाददाता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को जागरूक करने का यह प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला सिद्ध होगा।
