बाबा खाटू श्याम की निशान शोभायात्रा का इत्र और फूलों की पंखुड़ियों से किया गया जगह जगह स्वागत

प्रयागराज
कलयुग के अवतार, हारे के सहारे बाबा खाटू श्याम जी की 15 वाँ निशान शोभा यात्रा फागुन एकादशी को नगर के विभिन्न मार्गों से निकाली गई
प्रत्येक वर्ष के भाति इस वर्ष भी फागुन मास में कलयुग के अवतार, हारे के सहारे बाबा खाटू श्याम जी की 15 वीं निशान शोभा यात्रा बैंड बाजों, डी0जे0, ढोल-नगाड़ा, रंग-गुलाल, फूलों की वर्षा के साथ निकली।
श्याम प्रेमियों के द्वारा 1500 ध्वजा निशान एवं 51 चांदी का निशान, बाबा श्याम जी को अर्पित किया गया.
बाबा खाटू श्याम जी की रथ यात्रा राजर्षि टंडन मंडपम, सम्मेलन मार्ग प्रयागराज से न्यायमूर्ति प्रकाश पाण्डया सह परिवार के द्वारा निशान पूजा करने के उपरान्तनिशान यात्रा का शुभारंभ हुआ।
निशान यात्रा मारवाड़ी धर्मशाला, राम भवन चौराहा, बहादुरगंज महारानी चाय से मानसरोवर होते हुए अग्रसेन चौराहा से हीवेट रोड होकर रामबाग स्थित श्री खाटू श्याम जी एवं सालासर बालाजी धाम मंदिर पहुंच कर संपन्न हुई.कलयुग के अवतार बाबा श्याम जी को सभी श्याम प्रेमियों के द्वारा निशान अर्पण किया गया।बाबा के इस रथ यात्रा के साथ महिलाएं, पुरुष, बच्चे पूरे रास्ते नाचते गाते झूमते नजर आए।
रास्ते में जगह-जगह पुष्प एवं ईत्र वर्षा श्याम प्रेमियों पर नगर के विशिष्ट जानों के द्वारा किया गया।
शाम को श्याम बाबा जी के ज्योत पूजन विजय बंसल सह परिवार द्वारा किया गया।इस शोभायात्रा को
जिला प्रशासन, पुरुष एवं महिला पुलिस बल एवं नगर निगम का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।
बाबा खाटू श्याम जी का आलौकिक श्रृंगार दर्शन के लिए भक्तो का जन सैलाब उमड़ा.इस अवसर पर बाबा श्याम जी को छप्पन भोग का प्रसाद लगाया गया।
श्री राधेश्याम सेवा ट्रस्ट रामबाग प्रयागराज के मंदिर व्यस्थापक रमेश तायल, अध्यक्ष मुरारी लाल अग्रवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि अब तक लगभग 12 हजार से ज्यादा लोगों ने बाबा श्याम जी के दर्शन किये है और जिस प्रकार से आवागमन लगा हुआ उससे ये उम्मीद की जा सकती है कि 50 हजार श्याम प्रेमी दर्शन करने के लिए आयेंगे।
मंदिर कमेटी के संजय अग्रवाल, श्याम शंकर लोहिया, नवल अग्रवाल, रमेश सुल्तानिया, अनुभव श्रीवास्तव, हिमांगीनी श्रीवास्तव, विक्रान्त त्रिपाठी, सूरज सिंह कुशवाहा, पूजा कुशवाहा, रश्मि सोनी, अनूप श्रीवास्तव, सुनील सिंह, वंश यादव, धीरज अग्रवाल, अमित अग्रवाल आदि बाबा श्याम के सेवक अपनी सेवा अनवरत देते रहे।
