बिन बिटिया घर , समाज सब सूना : कमलावती सिंह
” नारी ” विषय पर संगोष्ठी के आयोजन में सम्मानित की गईं मातृ शक्ति

पूनम संत महिला एवं विकास समिति के तत्वावधान में ” नारी ” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन एक होटल के परिसर में मंगलवार को किया गया। इस अवसर पर काफी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। इस दौरान आई हुईं मातृ शक्तियों का सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि महिला कल्याण निगम उत्तर प्रदेश सरकार की अध्यक्ष श्रीमती कमलावती सिंह ने कहा कि एक महिला सिर्फ एक परिवार को मजबूत नहीं करती बल्कि जिस परिवार में विवाह करके जाती है , उसे भी सशक्त करती है और यही नहीं , उसे उचित माहौल मिले तो पूरे समाज को खूबसूरत रास्ता दिखा सकती है , देश को मजबूत बना सकती है। कहा जाता है कि एक महिला का शिक्षित होना , पूरे समाज का शिक्षित होना है। एक बेटी घर का भी काम देखती है और बाहर की जिम्मेदारी को भी पूरे शिद्दत के साथ निभाती है। हालात कितना भी विपरीत हो लेकिन वह माता-पिता , भाई , भतीजा का साथ कभी नहीं छोड़ती। हमारे धर्म ग्रंथ मनु स्मृति में भी कहा गया है कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” , इसका अर्थ है – जहां नारी की पूजा होती है , वहां देवताओं का वास होता है। हमारे समाज में बोलचाल में भी कहा जाता है कि बगैर बिटिया के घर सूना-सूना सा लगता है।
पूर्व आयकर आयुक्त शिखा दरबारी ने कहा कि – यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः”, अर्थात जहाँ नारियों का सम्मान नहीं होता, वहाँ सभी कार्य निष्फल हो जाते हैं। बेटियों को भी चाहिए कि वे खूब पढ़े , ज्ञान अर्जित करें और परिवार , समाज और देश को आगे बढ़ने में योगदान करें । वो किसी भी देश की आधी आबादी हैं , इसलिए उनका योगदान अहम है।
पूनम संत महिला एवं विकास समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम संत ने कहा कि आज एक महिला केवल एक बेटी, मां या पत्नी नहीं होती, वह समाज की रीढ़ की हड्डी होती है। आज की महिलाएं अंतरिक्ष से लेकर खेल के मैदान तक और घर की चौखट से लेकर व्यापार की दुनिया तक, हर जगह अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। यह दिन सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने का अवसर है।
डॉ. सबिता अग्रवाल ने कहा कि यह एक ऐसे वैश्विक मंच के रूप में कार्य करता है, जहाँ से महिला अधिकारों और उनकी समान भागीदारी के लिए दुनिया भर के समर्थन को और अधिक सशक्त बनाया जाता है।
गायत्री त्रिवेणी प्रयागराज पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य त्रिकाल भवंता सरस्वती जी महाराज ने कहा कि जब हम महिलाओं के सपनों और उनकी सफलताओं में अपना योगदान देते हैं, तो उसका फायदा सिर्फ एक व्यक्ति तक नहीं रुकता। वह लहर बनकर पूरे समाज को छूता है, हमारे समुदायों को ताकत देता है और एक ऐसा समाज बनाता है जो सबके लिए हो और हर मुश्किल का डटकर सामना कर सके। कार्यक्रम का संचालन पूनम संत महिला एवं विकास समिति के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक संत ने किया। इस अवसर पर डॉ. साधना घोष , डॉ. राधा रानी , विनीता विश्वकर्मा , अर्चना चहल ,चन्दना मुखर्जी , प्रतिमा सक्सेना , एडवोकेट स्वाति अग्रवाल , किरणबाला पांडेय , इजा बेल ब्रांडिस , कामिनी जैन गौरी गीता ओझा , संगीता मौर्या आदि मौजूद रहे।
ये मातृ शक्ति हुईं सम्मानित
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट डॉ. रीना सचान बेहतर प्रशासन के लिए , एडवोकेट रितान्धरा ला एंड जस्टिस के लिए , पायल सिंह प्रशासन , नेहा विश्वकर्मा पत्रकारिता , सुनीता सिंह अध्यात्म , डॉ. शेफाली नंदन शिक्षा , नीलम प्रसाद उद्योग , अपर्णा आर्या साहित्य , मंडला मेधासवी प्रशासन , अर्चना बृजेश पत्रकारिता , मानशी रस्तोगी साहित्य , सब इंस्पेक्टर ममता यादव , डॉ. सोनिया सिंह स्वास्थ्य , जिज्ञासा साहू समाज कार्य , माया पांडेय पर्यावरण ,मंजू पांडेय ला एंड जस्टिस , डॉ. स्नेह सुधा शिक्षा , अंकिता चतुर्वेदी कल्चर , कामिनी श्रीवास्तव कल्चर के लिए सम्मानित किया गया।
