माफिया समर्थित गुंडों ने सरकारी जमीन पर किया अवैध कब्जा, एफआईआर दर्ज
रिपोर्ट कुलदीप शुक्ला
प्रयागराज । उत्तर प्रदेश में भूमि माफिया की साजिशें दिन-ब-दिन गंभीर रूप धारण कर रही हैं। गैंगस्टरों के संरक्षण में गुंडे सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कर रहे हैं, जिससे गरीब और असहाय लोग अपनी आजीविका खो रहे हैं। हाल ही में प्रयागराज के धूमनगंज थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 0053/2026 ने इस समस्या की भयावहता को सामने ला दिया है।
घटना 5 दिसंबर 2025 को घटी। शिकायतकर्ता मोहम्मद सैफी, ग्राम -232 के निवासी ने बताया कि प्लॉट नंबर 0-2122 पर स्थित 61.88 वर्ग मीटर सरकारी भूमि (प्लॉट 0-1784/0) पर 5-6 अज्ञात आरोपियों ने जबरन कब्जा कर लिया। यह कब्जा बीट नंबर 05 के अंतर्गत आता है। शिकायत 20 फरवरी 2026 को शाम 4:06 बजे दर्ज हुई, जिसमें बीएनएस धारा 2023 की 1912, 352, 351(2), तथा 324(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश उपाध्याय ने सब-इंस्पेक्टर जगदीश त्रिपाठी को जांच का जिम्मा सौंपा। जीडी एंट्री नंबर 041 में इसे दर्ज कर लिया गया। शिकायतकर्ता ने देरी का कारण भी बताया है, जो जांच का हिस्सा बनेगा।
यह मामला उत्तर प्रदेश में माफिया गिरोहों द्वारा सरकारी और निजी जमीनों पर अवैध कब्जे की व्यापक समस्या को रेखांकित करता है। गैंगस्टर फर्जी दस्तावेज बनवाते हैं, ग्रामीणों को धमकाते हैं और जमीनें बेच देते हैं। अतीक अहमद के बाद पुलिस प्रशासन को गुमराह करके अवैध भूमि अतिक्रमण , सरकारी भूमि पर कब्जा करना किसानों के साथ गुंडागर्दी करके उनकी जमीन को कब्जा करना और तो और ना मानने पर रंगदारी वसूलना ,इनका यही काम है। स्थानीय लोगों के अनुसार इन लोगों ने एक कार्यालय 120 फीट रोड में खोल रखा है जहां कम से कम 20 आदमी हमेशा मौजूद रहते हैं । पिछले कुछ वर्षों में सैकड़ों ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां गरीबों के खेत-खलिहान हड़प लिए गए। योगी सरकार ने ‘लैंड माफिया’ के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की है, लेकिन जमीनी स्तर पर चुनौतियां बरकरार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कानूनी प्रक्रिया और जन जागरूकता ही इसका समाधान है।
पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जनता से अपील है कि संदिग्ध कब्जों या माफिया गतिविधियों की सूचना तुरंत दें। यह एफआईआर न केवल एक घटना है, बल्कि पूरे राज्य में भूमि सुरक्षा के लिए है।
