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*मां शिवकुमारी शुक्ला इंटर कॉलेज में कन्या पूजन की भव्यता, मां आदिशक्ति की आराधना से भक्तिमय हुआ लालापुर

*मां शिवकुमारी शुक्ला इंटर कॉलेज में कन्या पूजन की भव्यता, मां आदिशक्ति की आराधना से भक्तिमय हुआ लालापुर*

*कन्याएं मां दुर्गा का साक्षात स्वरूप, नारी शक्ति का सम्मान ही सनातन संस्कृति की असली पहचान : लाला शुक्ला एडवोकेट*

*उजाला शिखर*

लालापुर, प्रयागराज। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर लालापुर के भटपुरा स्थित मां शिवकुमारी शुक्ला इंटर कॉलेज में आस्था, संस्कार और सनातन परंपरा की ऐसी अनुपम छटा देखने को मिली, जिसने कन्या पूजन के धार्मिक महत्व को जीवंत कर दिया। गुरु मां शारदा की प्रेरणा से विद्यालय में प्रतिवर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कन्या पूजन एवं कन्या भोज का भव्य आयोजन किया गया। मां भगवती के प्रति अटूट श्रद्धा और मातृशक्ति के सम्मान को समर्पित इस कार्यक्रम में कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका विधि-विधान से पूजन किया गया। आयोजन में लालापुर के थानाध्यक्ष बृजेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक लाला शुक्ला एडवोकेट ने उन्हें गुरु मां शारदा की छवि भेंट कर सम्मानित किया। कन्याओं के चरण पखारकर दिया सम्मान का संदेश, पुष्पवर्षा और आरती से भावविभोर हुए श्रद्धालु विद्यालय परिसर में आयोजित कन्या पूजन के दौरान प्रबंधक लाला शुक्ला एडवोकेट ने अध्ययनरत कन्याओं को मां आदिशक्ति का स्वरूप मानकर उनके चरण पखारे, तिलक लगाया तथा धूप-दीप से आरती उतारकर विधिवत पूजन-अर्चन किया। कन्याओं को भोग-प्रसाद अर्पित करने के बाद उनके ऊपर पुष्पवर्षा की गई और यथाशक्ति दक्षिणा भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धा, सेवा और संस्कारों का अनूठा संगम देखने को मिला। कन्या पूजन के उपरांत विद्यालय के बालकों और राहगीरों को भी माता का प्रसाद वितरित किया गया, जिससे आयोजन की प्रसन्नता और धार्मिक उल्लास पूरे क्षेत्र में फैल गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक लाला शुक्ला एडवोकेट ने कहा कि कन्याएं मां आदिशक्ति दुर्गा का साक्षात स्वरूप होती हैं। उनका सम्मान करना केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के मूल संस्कारों को आत्मसात करना है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में नारी का सम्मान होता है, वही समाज वास्तविक अर्थों में संस्कारवान और सशक्त बनता है। कन्या पूजन हमें यह संदेश देता है कि मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रहे, बल्कि बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प में भी दिखाई दे। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में सद्भाव, सेवा और संस्कारों की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में लालापुर के थानाध्यक्ष बृजेश सिंह, विद्यालय प्रबंधक लाला शुक्ला एडवोकेट, नागेश शुक्ला, सरकारी ठेकेदार, प्रधानाचार्य सर्वेश चतुर्वेदी, शिवानंद शुक्ला एडवोकेट, विनय त्रिपाठी, चंद्रशेखर यादव, सूर्यकांत शुक्ला, सुग्गन लाल द्विवेदी, मनोज कुमार, जय नारायण यादव, विनोद कुमार पाठक, मुन्ना लाल यादव, ओमप्रकाश वर्मा, अतुल पांडेय, सत्यम त्रिपाठी, अमित तिवारी, मुस्कान तिवारी और कोमल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में अरुण पांडेय, सुभाष चंद्र उपाध्याय, सच्चिदानंद शुक्ला, नितिन शुक्ला, गोलू पांडेय, नमन त्रिपाठी, जीतू तथा मां शारदा के अन्य सेवकों ने विशेष योगदान दिया। सभी सहयोगियों के प्रति विद्यालय प्रबंधक लाला शुक्ला एडवोकेट ने हार्दिक आभार व्यक्त किया। अंत में भंडारे में उपस्थित अतिथियों, श्रद्धालुओं और बच्चों ने मां आदिशक्ति जगत जननी मां जगदंबा का प्रसाद श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि कन्या पूजन भारतीय संस्कृति में निहित मातृशक्ति के सम्मान, सेवा और श्रद्धा की जीवंत परंपरा है।

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