*डांडिया की थाप पर झूमे नौनिहाल, खेलकूद में दिखा उत्साह और प्रतिभा का संगम*
*पढ़ाई के साथ संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास का पाठ पढ़ा रहे विद्यालय के आयोजन

*उजाला शिखर*
जसरा, प्रयागराज। उच्च प्राथमिक विद्यालय जसरा में बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारने और उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सांस्कृतिक एवं खेलकूद गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डांडिया की लय, बच्चों की थिरकन और उनकी उमंग ने विद्यालय परिसर को उत्साह तथा उल्लास से भर दिया। रंग-बिरंगी डांडिया छड़ियों के साथ छात्र-छात्राओं ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी कला, तालमेल और रचनात्मक क्षमता का परिचय दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि विद्यालय केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि प्रतिभा को पहचानने और उसे मंच देने का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। आयोजन के दौरान विभिन्न मनोरंजक एवं शैक्षिक खेलों के माध्यम से बच्चों की सक्रियता, एकाग्रता, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित किया गया। छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ खेलों में हिस्सा लिया और आपसी सहयोग तथा समूह में कार्य करने की भावना का परिचय दिया। गतिविधियों के दौरान बच्चों की प्रसन्नता और भागीदारी ने आयोजन को जीवंत बना दिया। किताबी ज्ञान के साथ जरूरी हैं सांस्कृतिक गतिविधियां शिक्षकों ने कहा कि बच्चों की शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, सामाजिक समझ, नेतृत्व क्षमता और सहयोग की भावना विकसित करना भी है। सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा खेलकूद बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और वे पढ़ाई के साथ जीवन में आवश्यक व्यवहारिक गुण भी सीखते हैं। विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा के साथ रचनात्मकता और सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर एआरपी अरविंद सैनी, अरविंद कुमार मिश्रा, पूर्णिमा यादव, दिलीप तिवारी, सुमन पाण्डेय, उमा राय, आराधना मौर्य, प्रीति सिंह, दशरथ भारती और ममता मिश्रा सहित अंजना देवी तथा कई अभिभावक उपस्थित रहे।

