उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना–2026 का भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने किया स्वागत, GST व्यवस्था में सुधार की भी उठाई मांग
महानगर अध्यक्ष योगेश गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक, पुराने कर बकायों पर ब्याज एवं अर्थदण्ड में छूट को बताया व्यापारियों के लिए बड़ी राहत
**प्रयागराज।** भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, प्रयागराज की एक महत्वपूर्ण बैठक महानगर अध्यक्ष **श्री योगेश गोयल** की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित *उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना–2026* का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के व्यापारियों को पुराने कर विवादों और बकायों से राहत दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया। बैठक में योजना के साथ-साथ GST व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी एवं व्यापारियों के हित में बनाने के लिए आवश्यक सुधारों पर भी चर्चा की गई।
महानगर अध्यक्ष **श्री योगेश गोयल** ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पुराने VAT (मूल्य संवर्धित कर), CST (केंद्रीय बिक्री कर) एवं अन्य निर्दिष्ट पुराने कर कानूनों के तहत पात्र बकायों पर ब्याज और अर्थदण्ड में राहत का प्रावधान किया गया है। योजना के अनुसार ₹10 लाख तक के बकाये पर 100 प्रतिशत, ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक के बकाये पर 90 प्रतिशत, ₹1 करोड़ से ₹5 करोड़ तक के बकाये पर 75 प्रतिशत तथा ₹5 करोड़ से अधिक के बकाये पर 50 प्रतिशत ब्याज माफी का प्रावधान है। पात्र मामलों में बकाया राशि जमा न करने के कारण लगाए गए अर्थदण्ड पर भी 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह योजना 31 दिसंबर 2025 तक सृजित पात्र बकायों पर लागू होगी। इसका लाभ लेने के लिए मूल कर का पूरा भुगतान करना अनिवार्य होगा तथा शासनादेश जारी होने की तिथि से तीन माह के भीतर योजना का लाभ उठाया जा सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना GST के बकायों पर लागू नहीं है, बल्कि पुराने VAT, CST एवं अन्य निर्दिष्ट कर कानूनों के अंतर्गत आने वाले पात्र मामलों के लिए है।
बैठक में व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए GST व्यवस्था में सुधार के संबंध में दो महत्वपूर्ण मांगें भी उठाई गईं।
**पहली मांग:** GST असेसमेंट की प्रक्रिया को भी आयकर विभाग की तर्ज पर *फेसलेस असेसमेंट* बनाया जाना चाहिए, ताकि कर निर्धारण में पारदर्शिता बढ़े, अनावश्यक व्यक्तिगत संपर्क की आवश्यकता कम हो तथा व्यापारियों को निष्पक्ष और सुविधाजनक प्रक्रिया का लाभ मिल सके।
**दूसरी मांग:** यदि कोई विक्रेता GST रिटर्न दाखिल नहीं करता है या अपनी कर संबंधी जिम्मेदारियों का पालन नहीं करता, तो उसका दंडात्मक भार खरीदार पर डालने वाली व्यवस्था में आवश्यक सुधार किया जाना चाहिए। बैठक में कहा गया कि जब खरीदार ने वास्तविक रूप से माल खरीदा हो, वैध बिल प्राप्त किया हो और नियमानुसार अपनी जिम्मेदारियों का पालन किया हो, तो केवल विक्रेता की चूक के कारण उसे अनावश्यक परेशानी और दंड का सामना न करना पड़े। इस संबंध में ऐसी व्यावहारिक एवं न्यायसंगत व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे ईमानदार व्यापारियों के हित सुरक्षित रहें और कर अनुपालन भी सुनिश्चित हो सके।
वरिष्ठ महामंत्री **श्री नवीन अग्रवाल** ने सभी व्यापारी भाइयों से अपील की कि वे उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना–2026 की पात्रता एवं शर्तों की जानकारी लेकर निर्धारित समयसीमा के भीतर इसका लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि पुराने कर विवादों के निस्तारण का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। साथ ही, GST व्यवस्था में व्यावहारिक सुधारों से व्यापारियों को राहत मिलने के साथ कर प्रणाली में विश्वास और पारदर्शिता भी मजबूत होगी।
बैठक में श्री योगेश गोयल, श्री नवीन अग्रवाल, श्री पवन गुप्ता, श्री अनूप श्रीवास्तव, श्रीमती प्रियंका पराशर, श्री अरविंद कुमार, श्री आकाश कुमार, श्री संदीप कुमार, श्री दीपक केसरवानी, श्री मनीष केसरवानी, श्री अवनीश श्रीवास्तव एवं श्री नितेश कुमार सहित अन्य व्यापारीगण उपस्थित रहे।
**भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, प्रयागराज** ने आशा व्यक्त की कि प्रदेश सरकार व्यापारियों की इन मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी और व्यापार को सरल, पारदर्शी एवं प्रोत्साहनकारी बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी।

