Sunday, October 18Ujala LIve News
Shadow

सोशल मीडिया के माध्यम से आध्यात्मिक क्रांति की अनूठी पहल, तीन वर्षों से प्रतिदिन हो रहा नित्य हनुमान चालीसा पाठ

सोशल मीडिया के माध्यम से आध्यात्मिक क्रांति की अनूठी पहल, तीन वर्षों से प्रतिदिन हो रहा नित्य हनुमान चालीसा पाठ

शारदीय नवरात्रि पर ऑनलाइन भजनांजलि से रातभर हुई माँ भगवती की आराधना, श्री सौरभ कृष्ण ब्रह्मचारी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने भक्ति के रंग में बिताई पूरी रात

प्रयागराज। आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन तक सीमित न रहकर धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का माध्यम भी बन सकता है। इसी संकल्प के साथ नित्य हनुमान चालीसा पाठ समूह द्वारा पिछले तीन वर्षों से प्रतिदिन सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आध्यात्मिक अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को प्रभु श्रीराम, संकटमोचन श्री हनुमान जी महाराज तथा सनातन धर्म की भक्ति परंपराओं से जोड़ना है।

शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर समूह के सदस्यों ने डिजिटल माध्यम से एकजुट होकर रात्रि जागरण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, भजनांजलि और माँ भगवती के गुणगान के माध्यम से पूरी रात भक्तिमय वातावरण बनाए रखा। सामूहिक सहभागिता के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में भक्तों ने माँ दुर्गा के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा एवं भक्ति अर्पित की और प्रभु श्रीराम तथा श्री हनुमान जी महाराज का स्मरण किया।

इस आध्यात्मिक अभियान का नेतृत्व श्री सौरभ कृष्ण ब्रह्मचारी, कथावाचक एवं आध्यात्मिक वक्ता, श्री सच्चा बाबा आश्रम, प्रयागराज कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में समूह के सदस्य नियमित रूप से नित्य हनुमान चालीसा पाठ से जुड़ते हैं। तीन वर्षों से निरंतर चल रही इस पहल ने सामूहिक भक्ति के लिए सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग का एक माध्यम तैयार किया है।

श्री सौरभ कृष्ण ब्रह्मचारी का प्रयास है कि डिजिटल युग में युवा पीढ़ी सहित समाज के अधिकाधिक लोग अपनी संस्कृति, संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ें। मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे भी श्रद्धालु सामूहिक पाठ, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों में सहभागिता कर सकें। इस पहल के माध्यम से भौगोलिक दूरियों के बावजूद भक्त एक साझा आध्यात्मिक मंच पर एकत्रित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का सदुपयोग समाज में सकारात्मक विचारों, धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक संस्कारों के प्रसार के लिए किया जाना चाहिए। यदि तकनीक को सेवा, साधना और भक्ति से जोड़ा जाए, तो यह समाज में अच्छे विचारों के प्रसार का सशक्त माध्यम बन सकती है।

शारदीय नवरात्रि के अवसर पर आयोजित रात्रि जागरण इसी भावना का प्रतीक रहा, जिसमें समूह के सदस्यों ने मिलकर भजनांजलि के माध्यम से माँ भगवती की आराधना की। इस पहल का संदेश है कि सामूहिक भक्ति, आपसी सहयोग और तकनीक के सकारात्मक उपयोग से आध्यात्मिक चेतना को व्यापक स्तर तक पहुँचाया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *