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शिक्षा

मुक्त विश्वविद्यालय को मिले निदेशक और प्रोफेसर

मुक्त विश्वविद्यालय को मिले निदेशक और प्रोफेसर

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मुक्त विश्वविद्यालय को मिले निदेशक और प्रोफेसर   कार्यपरिषद में खुले नियुक्तियों एवं प्रोन्नति के लिफाफे विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की हुई प्रोन्नति उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज की गुरुवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कार्यपरिषद में शैक्षणिक पदों पर हुई नियुक्तियों से संबंधित लिफाफे खोले गए। जिसमें निदेशक शिक्षा शास्त्र के पद पर प्रशांत कुमार अस्टालिन को चयनित किया गया। इसी प्रकार प्रोफेसर गणित के पद पर डॉ अजेंद्र कुमार मलिक तथा प्रोफेसर जंतु विज्ञान के पद पर डॉ जय प्रकाश यादव को नियुक्त किया गया। कार्यपरिषद ने कैरियर अभिवर्धन योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय में कार्यरत प्राध्यापकों, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष को वरिष्ठ वेतनमान, चयन वेतनमान, एसोसिएट प्रोफेसर, उप पुस्तकालयाध्यक्ष पदनाम एवं वेतनमान के संबंध म...
शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य व्यक्ति का सर्वोत्तम विकास- प्रोफेसर आरती श्रीवास्तव

शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य व्यक्ति का सर्वोत्तम विकास- प्रोफेसर आरती श्रीवास्तव

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शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य व्यक्ति का सर्वोत्तम विकास- प्रोफेसर आरती श्रीवास्तव मुक्त विश्वविद्यालय में व्याख्यान का आयोजन उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के शिक्षा विद्या शाखा के तत्वावधान में बुधवार को आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत उच्च शिक्षा के कायाकल्प के आयाम विषय पर विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के सरस्वती परिसर स्थित लोकमान्य तिलक शास्त्रार्थ सभागार में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता प्रोफेसर आरती श्रीवास्तव, आचार्य, उच्च एवं संव्यावसायिक शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान, न्यूपा, नई दिल्ली ने कहा कि नई शिक्षा नीति के लिए जो योजनाएं बनाई गई हैं वह समाजोपयोगी होनी चाहिए तथा शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य व्यक्ति का सर्वोत्तम विकास और समाज के लिए प्रासंगिक होना चाहिए।उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति में दूरस्थ शिक्षा की भूमिका मह...
आत्मचेतना से ही मनुष्य श्रेष्ठ- प्रोफेसर सिन्हा

आत्मचेतना से ही मनुष्य श्रेष्ठ- प्रोफेसर सिन्हा

विशेष, शिक्षा
आत्मचेतना से ही मनुष्य श्रेष्ठ- प्रोफेसर सिन्हा मुविवि में भारतीय संस्कृति की मूल चेतना पर व्याख्यान उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान विद्या शाखा के तत्वावधान में बुधवार को सरस्वती परिसर के लोकमान्य तिलक शास्त्रार्थ सभागार में भारतीय संस्कृति की मूल चेतना विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर ए के सिन्हा, पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग, महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली ने व्याख्यान देते हुए कहा कि आत्म चेतना मनुष्य को निरंतर गतिशील बनाए रखती है। चेतना की अभिव्यक्ति ही गतिशीलता प्रदान करती है। मनुष्य पशुओं से इसलिए श्रेष्ठ है क्योंकि उसमें आत्म चेतना होती है। आत्म चेतना मनुष्य को श्रेष्ठता प्रदान करती हैं। प्रोफेसर सिन्हा ने कहा कि आत्म चेतना के कारण ही आगे बढ़ने की प्रवृत्ति संस्कृति का विक...