सरकारी डॉक्टर और अन्य सहयोगियों के खिलाफ रंगदारी और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज
प्रयागराज सिविल लाइन्स पुलिस ने एक निजी अस्पताल के निदेशक की शिकायत पर सरकारी डॉक्टर, उनकी पत्नी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है.
मामले का विवरण:
एक्युरा क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. मनीष कुमार केसरी ने आरोप लगाया है कि स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार सिंह और उनकी पत्नी इलाक्षी शुक्ला उन पर पिछले कई दिनों से अनुचित दबाव बना रहे थे.
मुख्य आरोप:
अवैध प्रैक्टिस का दबाव: वादी के अनुसार, इलाक्षी शुक्ला अपने पति डॉ. संतोष सिंह को निजी अस्पताल में प्रैक्टिस करने की अनुमति देने के लिए दबाव बना रही थीं, जिसे डॉ. केसरी ने सरकारी नियमों का हवाला देते हुए अस्वीकार कर दिया था.
झूठी शिकायत की धमकी: अस्पताल की एक स्टाफ नर्स (आराध्या सिंह), जो डॉ. सिंह की रिश्तेदार हैं, को आईसीयू में आपत्तिजनक कृत्य के कारण नौकरी से निकाल दिया गया था. इसके बाद वादी को धमकी दी गई कि यदि उन्हें वापस नहीं रखा गया, तो उन पर यौन शोषण का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा.
लूट और धमकी: आरोप है कि 27 अप्रैल को डॉ. संतोष सिंह ने अस्पताल में घुसकर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी. इसके बाद उन्होंने अस्पताल के रिसेप्शन से जबरन नगदी भी निकाल ली.
सशस्त्र हमला: 28 अप्रैल को इलाक्षी शुक्ला 10-12 अज्ञात हथियारबंद बदमाशों के साथ अस्पताल पहुंचीं और डॉ. मनीष केसरी को जान से मारने की धमकी देते हुए दहशत फैलाई.
पुलिस कार्यवाही:
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है:
धारा 191(2): बलवा/दंगा
धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से अपमान
धारा 351(2) और (3): आपराधिक धमकी
धारा 305: जबरन वसूली/चोरी से संबंधित
धारा 329(3): आपराधिक अतिचार (Trespass)
मामले की जांच उप-निरीक्षक विकास आनंद वर्मा को सौंपी गई है. पुलिस के पास घटना की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी साक्ष्य के रूप में उपलब्ध है.
