साल के प्रथम दिन मां विन्ध्यवासिनी धाम में भक्तों रेला,
मेला आंकड़ा दो लाख के पार

विन्ध्याचल , मीरजापुर । सन 2025 के पहले दिन मां विन्ध्यवासिनी के चरणों में लाखों भक्तों ने अपनी अपनी हाज़िरी दर्ज कराई । भीड़ का आलम कुछ यूं था कि मंदिर का परिपथ पूरी तरह से जाम हो गया था । मंदिर में प्रवेश के लिए छह मार्गों से होकर कुछ तीन कतारें भीड़ के दबाव से काफी हद तक प्रभावित दिखी । वैसे तो देर रात से ही विन्ध्यधाम में भक्तों का जमावड़ा होने लगा था । मंगलवार की रात बारह बजे से ही नई तारीख तथा नए साल की शुरुवात श्रद्धालु मां की झलक से ही करना चाहते थे । हाड़ कंपाती ठंडी में देर रात से ही स्नानार्थी मां गंगा की गोद में डुबकी लगा रहे थे । लगातार जयघोष की ध्वनि काफी दूर तक सुनाई दे रही थी । वर्ष के प्रथम दिन जो भीड़ हुई उसके लिए जिलाप्रशासन ने पहले से ही अपनी तैयारी पूरी कर रखी थी । संभावित भीड़ के मद्देनजर पूर्व से ही चरण स्पर्श पर जिलाप्रशासन व विन्ध्यपंडा समाज ने श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय ले रखा था , जिसके फलस्वरूप गर्भगृह में बिना किसी अवरोध के भक्त मां का झलक आसानी से पाते दिखे । मंदिर पर भारी संख्या में पुलिसबल की तैनाती थी । पंडा समाज की तरफ से भी अपनी व्यवस्था की गई थी । प्रत्येक दो दो घंटे की पाली में पंडा लोग भी पुलिस के साथ मिलकर यात्रियों को अपनी ड्यूटी के माध्यम से सुलभ तरीके से दर्शन कराने में तल्लीन दिखे । नगर विधायक रत्नाकर मिश्र , पालिकाध्यक्ष श्यामसुंदर केसरी भी मेला क्षेत्र भ्रमण कर व्यवस्था का जायजा ले रहे थे । साफ सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका गोवा लाल भी चक्रमण करते दिखे । वाहनों का प्रवेश अंदर की तरफ पूर्ण प्रतिबंधित किया गया था जिसके फलस्वरूप यातायात का दबाव दर्शनार्थियों पर नहीं पड़ा । मंदिर जाने वाले प्रमुख मार्गो जैसे कोतवाली मार्ग , पक्काघाट मार्ग , न्यू व्हीआईपी, पुरानी व्हीआईपी, जयपुरिया गली तथा बच्चा पाठक गली पर दर्शनार्थियों की कतारें काफी लंबी थी । जगह जगह भंडारे का प्रसाद भी वितरित होते देखा गया । स्थानीय दुकानदारों एवं निजी प्रतिष्ठान के मालिकों के लिए भी साल का पहला दिन काफी अच्छे से बीता । सभी लोगों पर मां लक्ष्मी की कृपा बरस रही थी । अष्टभुजा तथा कालीखोह मंदिरों में भी काफी भीड़ देखी गई । काफी भक्तों ने नववर्ष पर त्रिकोण यात्रा भी की ।
