फिल्म घूसखोर पंडित पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत

प्रयागराज। नेट फिक्स की फिल्म घूसखोर पंडित के रिलीज़ पर रोक लगाने और इसका टाइटिल को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का ब्राह्मण समाज ने स्वागत किया है। इंटरनेशन ब्राह्मण ऑर्गेनाइजेशन के महासचिव राकेश शुक्ल ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश ब्राह्मण समाज को बदनाम करने के कुत्सित प्रयासों पर कड़ी चोट है। सर्वोच्च अदालत ने फिल्म का टाइटिल बदलने के लिए कहा है। इससे स्पष्ट है कि किसी समाज को बदनाम करने की कोशिश असंवैधानिक कृत्य है जो भारतीय लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। राकेश शुक्ल ने बताया कि इससे पूर्व सर्व ब्राह्मण महासभा ने फिल्म के निर्देश विजय पंडित, अभिनेता मनोज बाजपेई और फिल्म प्रसारण बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी को नोटिस भेज कर कड़ी चेतावनी दी थी। इस फिल्म का टाइटिल ब्राह्मण समाज की छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास था जो कि न सिर्फ भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडनीय अपराध है बल्कि नैतिक और सामाजिक दृष्टि से भी एक आपराधिक कृत्य है। नोटिस में इस फिल्म के निर्माता, निर्देशकों को साफ चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने फिल्म का टाइटिल नहीं बदला तो ब्राह्मण समाज उनका पूर्ण बहिष्कार करेगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणियों से स्पष्ट है समाज के किसी भी वर्ग के विरुद्ध इस प्रकार की विद्वेष पूर्ण कोशिशों को हतोत्साहित करना आवश्यक है।
