घूसखोर पंडित केस में सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश

नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विवाद तेज हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 11 फरवरी 2026 को निर्देशक नीरज पांडे को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है, जिसमें फिल्म का नया टाइटल और बदलावों का ब्योरा होना चाहिए। कोर्ट ने मामले को 19 फरवरी के लिए स्थगित कर दिया।याचिका करता ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया के संगठन सचिव अतुल मिश्रा और उनके अधिवक्ताओं पवन कुमार शुक्ला , भूपेश पांडेय और एस . के. वारिस अली के लिए ये एक बड़ी जीत है।
लखनऊ के हजरतगंज थाने में 5 फरवरी को निर्देशक नीरज पांडे और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें बीएनएस की धारा 196 (समूहों में वैमनस्य फैलाना) और 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) लगाई गईं। शिकायतें हैं कि टाइटल और कंटेंट पंडित समुदाय को घूसखोरी से जोड़कर जातिगत भावनाओं को आहत करता है, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ता है। लखनऊ पुलिस ने सख्त कार्रवाई का ऐलान किया।
इससे पहले, वकील अशुतोष दुबे ने लीगल नोटिस भेजा, जिसमें टाइटल हटाने की मांग की, इसे समुदाय के लिए अपमानजनक बताते हुए। वहीं, महेंद्र चतुर्वेदी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें रिलीज पर रोक की मांग है। वकील विनीत जिंदल की याचिका में भी टाइटल को मानहानिकारक कहा गया।
विपक्षी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए, उग्र कार्रवाई की चेतावनी दी। एनएचआरसी ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। पुलिस कंटेंट की जांच कर रही है। यह विवाद ओटीटी कंटेंट पर सेंसरशिप और रचनात्मक स्वतंत्रता की बहस को तेज कर रहा है।
