रामेश्वरम मन्दिर की प्रतिकृति नवनिर्मित रामेश्वरम मन्दिर परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में कलश स्थापना व पूजनसम्पन्न

रामेश्वरम मन्दिर में हुई कलश स्थापना
परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज की अद्भुत पहल, परमार्थ त्रिवेणी पुष्प,अरेल प्रयागराज में हुआ स्थापित
देवभक्ति व देशभक्ति का अद्भुत संगम दिख रहा है
रामेश्वरम मन्दिर की प्रतिकृति नवनिर्मित रामेश्वरम मन्दिर परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में कलश स्थापना पूजन 11 आचार्यों, 41 ऋषिकुमारों, पूज्य संतों और विशिष्ट अतिथियों के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ
प्रयागराज. परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, प्रयागराज में नवनिर्मित रामेश्वरम मंदिर में कलश स्थापना पूजन सम्पन्न हुआ। परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज की अद्भुत पहल पर परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, प्रयागराज देवभक्ति व देशभक्ति के संगम का अद्भुत केन्द्र है।
परमार्थ त्रिवेणी पुष्प धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, जो अब सांस्कृतिक और राष्ट्रीय भावनाओं का दिव्य प्रतीक बन कर उभर रहा है। इस अद्भुत परिसर में कई धार्मिक व राष्ट्रीय स्मारक स्थापित किये गये हैं।
रामेश्वरम मंदिर में कलश स्थापना समारोह में श्रद्धालुओं और भक्तजन के साथ-साथ 11 आचार्यों, 41 ऋषिकुमारों, पूज्य संतों और विशिष्ट अतिथियों का पावन सान्निध्य रहा।
नवनिर्मित रामेश्वरम मंदिर में कलश स्थापना का यह आयोजन, परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, प्रयागराज की ओर से किए गए सतत प्रयासों का प्रतीक है, जहां भक्ति, शिक्षा और सामाजिक सेवा को एक साथ जोड़ा जा रहा है, जो हृदय में शिवत्व और ईश्वर भक्ति के जागरण का दिव्य अवसर है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने संदेश में कहा कि शिवत्व का जागरण, अहंकार का विसर्जन और चेतना का प्रबोधन हमारे जीवन के सर्वाेच्च लक्ष्य हैं। जब हम अपने भीतर शिवत्व का अनुभव करते हैं, तो हृदय में शांति, समर्पण और प्रेम का प्रवाह उत्पन्न होता है। अहंकार का त्याग केवल स्वयं नहीं, बल्कि समाज और परिवेश को भी उज्ज्वल बनाता है। चेतना का प्रबोधन हमें सत्य, धर्म और भक्ति की ओर मार्गदर्शन करता है। यही असली आध्यात्मिक सफलता है और जीवन को पवित्र, उद्देश्यपूर्ण और दिव्यता से परिपूर्ण बनाने का मार्ग है, यही संदेश हमारे मन्दिरों से हमें प्राप्त होता है। मंदिर ऊर्जा के जाग्रत केन्द्र हैं, जहाँ भक्ति, ध्यान और सामूहिक चेतना मिलकर हमें और समाज को प्रबुद्ध और सशक्त बनाते हैं।
कलश स्थापना पूजन आचार्यों द्वारा विशेष मंत्रोच्चार और हवन के साथ हुई। श्री अरूण सरस्वत जी,माधव जी,परेश जी,संतोष पाण्डेय जी,रोनो जी, संजीव जी शिव मौर्या और अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने श्री अरूण सारस्वत जी और परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, प्रयागराज की पूरी टीम को धन्यवाद देते हुये कहा कि परमार्थ त्रिवेणी पुष्प के इस पूरे परिसर को देवभक्ति, देशभक्ति और आध्यात्मिक जागृति के केन्द्र के रूप में स्थापित करने हेतु योगदान प्रदान करे।
