आयुर्वेदीय जीवनशैली स्वस्थ एवं समृद्ध भारत की आधारशिला – प्रो.(डॉ.) जी. एस. तोमर
11वें आयुर्वेद दिवस का भव्य शुभारंभ
‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित, जन-जन तक आयुर्वेद पहुँचाने का लिया संकल्प

हंडिया, प्रयागराज। 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर श्री लाल बहादुर शास्त्री स्मारक राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, हंडिया, प्रयागराज में ‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन बुधवार 16 सितम्बर को किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आयुर्वेद के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली तथा रोगों की रोकथाम में आयुर्वेद की भूमिका के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और आयुर्वेद के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रोफेसर जी.एस. तोमर एवं महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रोफेसर केदारनाथ उपाध्याय ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण करके किया।छात्राओं द्वारा धन्वंतरि वंदना प्रस्तुत की गई।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर जी.एस. तोमर ने अपने उद्बोधन में आयुर्वेद की प्राचीन एवं वैज्ञानिक परंपरा, स्वस्थ जीवनशैली में इसकी उपयोगिता तथा वर्तमान समय में आयुर्वेद की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने आयुर्वेद के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने तथा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।डॉ तोमर ने बताया कि आयुर्वेदीय जीवनशैली स्वस्थ एवं समृद्ध भारत की आधारशिला है । आयुर्वेद के आहार सम्बन्धी नियम जन स्वास्थ्य रक्षा के लिए अमोघ अस्त्र हैं , इन्हें जन जन तक पहुँचाकर ही आरोग्य भारती के मूल प्रयोजन स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज (ग्राम) एवं स्वस्थ राष्ट्र की संकल्पना को साकार किया जा सकेगा ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य प्रोफेसर केदारनाथ उपाध्याय ने आयुर्वेद दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आयुर्वेद की जनकल्याणकारी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने स्वस्थ समाज के निर्माण में आयुर्वेद की उपयोगिता तथा आयुर्वेदिक जीवनशैली को जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रोफेसर डॉ. योगेश मिश्रा ने 11वें आयुर्वेद दिवस के अंतर्गत सप्ताह भर आयोजित होने वाले विभिन्न शैक्षणिक, जागरूकता एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन आयोजनों के माध्यम से आमजन को आयुर्वेद, स्वस्थ दिनचर्या, आहार-विहार एवं स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
संगोष्ठी का संचालन डॉ. अवनीश पाण्डेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर एस.पी. पाल ने प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर वर्षा पाठक, डॉ. सुषमा तिवारी, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. संतोष मौर्य, डॉ.प्रेम प्रकाश गंगवार, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. निहारिका मिश्रा, डॉ.परवेज अहमद अंसारी, डॉ रमेश कांत दुबे, डॉ. सारिका श्रीवास्तव, डॉ विजय प्रताप सिंह, डॉ.दीनानाथ, डॉ. ज्योति मिश्रा, डॉ. पंकज कुमार मिश्रा, डॉ. दुर्गेश कुमार शुक्ला, डॉ. एस.डी. महोपात्रा, डॉ बीरबल राम डॉ. दुर्गेश सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण, छात्र एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
