भक्ति और नारी शशक्तीकरण का अद्भुत मेंल,महिला पुजारी पैतीस वर्षों से कर रही है देवी पूजा,आरती और श्रृंगार



प्रयागराज के प्रसिद्ध खेमा माई मंदिर में महिला पुजारी के द्वारा माँ कालरात्रि का दिव्य श्रृंगार किया गया है, जिसके दर्शन मात्र से मनोकामना पूरी होने की मान्यता है।
तस्वीरें प्रयागराज के प्राचीन खेमा माई मंदिर की हैं… जहाँ हर दिन भक्तों का तांता लगा रहता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है यहाँ की महिला पुजारी, जो अपने हाथों से माँ की सेवा करती हैं।माँ कालरात्रि का दिव्य श्रृंगार किया गया। फूल, सिंदूर, चुनरी और आभूषणों से माँ को इस तरह सजाया गया कि भक्त देखकर भाव-विभोर हो गए। मान्यता है कि माँ कालरात्रि के इस रूप के दर्शन से सभी कष्ट दूर होते हैं और हर मनोकामना पूरी होती है।
सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। महिला पुजारी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। भक्तों का कहना है कि इस मंदिर में दर्शन मात्र से ही मन को शांति और शक्ति मिलती है।
खेमा माई मंदिर का ये दिव्य श्रृंगार न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि नारी शक्ति और भक्ति का भी अद्भुत संगम है।
, त्रिपुर सुंदरी, राजराजेश्वरी जगत माता ख़ेमा माई नवदुर्गा सभी भक्तों का कल्याण करती है।तीर्थराज प्रयाग के हृदय स्थल में विराजमान राजराजेश्वरी ख़ेमा माई नवदुर्गा मंदिर में महाआरती में शामिल भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार के वित्त सलाहकार डाक्टर पवन जायसवाल ने ख़ेमा माई नवदुर्गा के कालरात्रि के स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा कि महामाया सभी भक्तों के कष्टों का हरण कर अभय प्रदान करती है। मंदिर समिति के अध्यक्ष डाक्टर हरिश्चंद्र मालवीय ने महाआरती में आये हुए सभी श्रद्धालुओं एवं भक्तों का अभिनन्दन करते हुए माता के विराट गुणों एवं महिमा का वर्णन किया। महामंत्री शिवजी मालवीय ने सभी गणमान्य नागरिकों, भक्तों पत्रकारों एवं प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया। महाआरती का शुभारंभ मंदिर की संयोजिका कंचन मालवीय ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता निधि पवन,राम जी केसरवानी,सुमन देवी,रिषभ अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल, रोहित,अमन,रिंकू मयंक,शानू सिंह आनन्द शंकर मालवीय , राम सिंह विजय,उदय जी आदि लोगों ने माता के महाआरती में सम्मिलित हुए। अन्त में प्रसाद वितरण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

