बिखरे हिंदुओं को एक जुट करने को हुई संघ की स्थापना,नैनी में निकला संघ का विशाल पथ संचलन
प्रयागराज। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से रविवार को नैनी के विश्वकर्मा नगर की ओर से विशाल पथ संचलन निकाला गया। स्वयंसेवकों ने इसके पूर्व शिवाजी पार्क तथा अवनन्तिका शाखा पर वैदिक मंत्रों के साथ अक्षत पुष्प से शस्त्र पूजन कर शक्ति की आराधना की तथासंघ स्थापना पर्व उत्साह के साथ मनाया।
अवन्तिका , प्राणनाथ, अरविंद, महर्षि बस्ती तथा महाराणा बस्ती का पथ संचलन अलग-अलग मार्गों से निकाला गया। संचलन के बाद गणवेश में पूर्ण सुसज्जित स्वयंसेवक पी डी ए के रामलीला पार्क में एकत्रित हुए।
विभिन्न मार्गों से निकला यह विशाल पथ संचलन पूरे नगर में आकर्षण का केंद्र बना रहा।
पथ संचलन के पश्चात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ मुरारजी त्रिपाठी ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया।
अपने बौद्धिक में उन्होंने संघ स्थापना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिखरे हुए संपूर्ण हिंदू समाज को संगठित करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई। संघ संस्थापक डॉ हेडगेवार जी ने देशकी गुलामी के कारणों पर गहन चिंतन मंथन के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि अगर हिंदू समाज संगठित ना हुआ तो देश फिर गुलाम हो सकता है।
प्रांत प्रचार प्रमुख ने जोर देकर कहा कि हिंदू घटा देश बंटा। डेमोग्राफी में हो रहा परिवर्तन देश के लिए चिंता का विषय है। इस दिशा में संपूर्ण हिंदू समाज को जागरूक होना होगा। संगठित हिन्दू समाज ही राष्ट्र रक्षा की गारंटी है।
अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए समाज की कुछ शक्तियां हिंदुओं को जाति पांति में बांटने का कुत्सित प्रयास कर रही हैं।उन्होंने आह्वान किया कि अपनी संगठनात्मक शक्ति से ऐसी विभेदकारी शक्तियों के मंसूबों पर पानी फेर दें।
कार्यक्रम में भाग संघ चालक दशरथ जी सहभाग संघ चालक दिनेश जी नगर कार्यवाह राकेश जी बस्ती प्रमुख सुनील कुटुंब प्रबोधन प्रमुख राकेश, सुनील वीरेंद्र एवं अनंत आदिप्रमुख रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में एक साथ उपस्थित तीन पीढ़ी के स्वयंसेवक शिवप्रसाद नवनीत एवं दिव्यांश आकर्षण के केंद्र रहे।

