ज्ञानपुर में हुई भगवान परशुराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा देश भर के संत हुए शामिल





भदोई
ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र के छत्रा स्थित कोटिया मोन में भगवान परशुराम की प्रतिमा का भव्य लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर तपस्वी छावनी पीठधिश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य, श्रृंग्वेरपुर धाम के महंत जगद्गुरु संडिल्य जी महाराज, अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती, बलसाड़ के महामंडलेश्वर स्वामी समर्थ रामदास महाराज और मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने कहा कि ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में भगवान परशुराम की प्रतिमा नहीं होने के कारण ब्राह्मण समाज लंबे समय से इसकी आवश्यकता महसूस कर रहा था। प्रतिमा की स्थापना से क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को नई मजबूती मिलेगी। यह प्रतिमा समाज को एकजुट करने और आने वाली पीढ़ियों को भगवान परशुराम के आदर्शों से परिचित कराने का माध्यम बनेगी।
वहीं, मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा कि भगवान परशुराम सदैव धर्म और न्याय के प्रतीक रहे हैं। जब-जब अन्याय और अधर्म बढ़ा, तब-तब उन्होंने अपने परशु के माध्यम से उसका विरोध किया। भगवान परशुराम का जीवन हमें धर्म की रक्षा, अन्याय के खिलाफ खड़े होने और अपने ज्ञान व शक्ति का सदुपयोग करने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में संत-महात्माओं, धर्माचार्यों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य बना दिया।

