पेड़ों पर रोशनी करने वाली जगहों ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की अपील पर अच्छा रिस्पॉन्स दिया

मुंबई श्रीकेश चौबे:-
माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, माननीय हाई कोर्ट और महाराष्ट्र (अर्बन एरिया) प्रोटेक्शन एंड प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज़ एक्ट, 1975 के ऑर्डर के मुताबिक, पेड़ों पर कील ठोकना, पेड़ों पर पोस्टर/बैनर लगाना और उन पर रोशनी करना मना है।
म्युनिसिपल कमिश्नर अभिनव गोयल और ट्री अथॉरिटी के मेंबर्स की गाइडेंस में और चीफ पार्क सुपरिंटेंडेंट की देखरेख में, वार्ड के हिसाब से पार्क इंस्पेक्टर अपॉइंट किए गए और कल्याण डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एरिया में सर्वे किया गया और पाया गया कि सौ से ज़्यादा जगहों पर पेड़ों पर रोशनी की जा रही थी।
म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने अखबार में पेड़ों पर खिलौने इस्तेमाल करने, पेड़ों पर पोस्टर/वॉलपेपर और ऐड लगाने, पेड़ों पर बिजली जलाने और उन्हें खराब होने से बचाने के लिए पब्लिक अपील भी जारी की थी। इसके मुताबिक, संबंधित लोगों और बिजनेसमैन को पेड़ों पर लगे पोस्टर/वॉलपेपर और ऐड हटाने और पेड़ों पर लगी इलेक्ट्रिक लाइटिंग हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे।
नगर निगम की पब्लिक अपील और नोटिस पर अलग-अलग जगहों ने पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया है और सौ से ज़्यादा जगहों ने खुद ही लाइटिंग हटाकर नगर निगम का साथ दिया है, और जिन जगहों पर लाइटिंग नहीं हटाई गई थी, वहां नगर निगम की बनाई टीमों ने लाइटिंग हटा दी है। पर्यावरणविद नगर निगम के इस एक्शन पर खुशी जता रहे हैं।
अब से, ट्री अथॉरिटी डिपार्टमेंट के ज़रिए अपील की गई है कि कोई भी जगह इलेक्ट्रिक लाइटिंग का इस्तेमाल इस तरह से न करे जिससे पेड़ों को नुकसान हो, या पेड़ों में कील ठोंके, या पोस्टर या ऐड लगाए जाएं। चीफ पार्क सुपरिटेंडेंट संजय जाधव ने साफ किया है कि अगर ऐसी लाइटिंग मिली तो एक्शन लिया जाएगा।
अपने शहर की सुंदरता बनाए रखना हमारा फर्ज है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे शहर की सुंदरता बनाए रखने में अपना योगदान दें।
