नदी पेड़ से जल लेगी, पेड़ नदी से जल लेगा,साकार होगा सपना

रिपोर्ट आलोक मालवीय
लखनऊ।
प्रदेश के वन मंत्री का पौधों की सुरक्षा पर विशेष जोर
‘‘एक पौधा मां के नाम‘‘ लगाने हेतु आम जनता से की अपील
पौधों को लगाने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा में टेक्नोलाजी
का करें प्रयोग
स्थानीय लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ने हेतु उनके व उनके परिवार के सदस्यों के नाम से पौधों को रोपित किया जाय
उत्तर प्रदेश के पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन एवं जन्तु उद्यान राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) डा0 अरूण कुमार सक्सेना ने उजाला ग्रुप के एडिटर इन चीफ आलोक मालवीय से खास बात करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य 30 जमीन पर वृक्षारोपण करने का है।साथ ही नदियों के किनारे किनारे फलदार वृक्ष लगा कर नदियों के पानी को संरक्षित करना है।हमरा ये उद्देश्य है कि नदी पेड़ों से पानी लें और पेड़ नदियों से पानी प्राप्त करे।वन विभाग मुख्यालय स्थित पारिजात सभागार में पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओं जन अभियान-2024 के तहत प्रदेश के सभी जनपदों के प्रभागीय वनाधिकारी एवं चीफ कंजरवेटर के साथ वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारी समीक्षा बैठक कर आगामी होने वाले वृक्षारोपण के पूर्व पौधों तथा चिन्हित स्थानों की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने भारत सरकार के निर्देश पर ‘‘एक पौधा मां के नाम‘‘ लगाने हेतु आम जनता से अपील की। मन्दिरों, धार्मिक स्थानों तथा स्कूल-कॉलेजों इत्यादि के परिसरों में पौधरोपण का कार्यक्रम जरूर किया जाये। मुख्य पर्यटन स्थलों के वनाधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने जनपदों में पर्यटन के दृष्टिगत विशेष भूमि को चिन्हित करते हुए व सड़कों एवं मिडलाइन्स स्थलों पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में छायादार पौधों के साथ आयुर्वेदिक पौधरोपण को प्राथमिकता दें। उनके द्वारा चिन्हित सड़कों तथा मिडलाइन्स का स्वयं निरीक्षण किया जायेगा। उन्होंने अतिविशिष्ट/विशिष्ट महानुभाओं द्वारा वृक्षारोपण हेतु चयनित जनपदों में पूर्ण तैयारी करने के निर्देश दिए।

वन मंत्री ने कहा कि एन0एच0आई0, पी0डब्ल्यू0डी0, नगर विकास तथा विकास प्राधिकरण अपनी भूमि में अवश्य पौधे रोपित करें तथा सड़क के किनारे एन0एच0आई0 तथा पी0डब्ल्यू0डी0 वन विभाग के सहयोग से पौधों को लगायें। उन्होंने कहा कि स्कूल तथा डिग्री कॉलेज के बच्चों को फलदार पौधे वन विभाग की तरफ से वितरित किये जाये। साथ ही उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं से भी सहयोग लेकर भूमि चिन्हित करते हुए पौधरोपण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया जाये।
डा0 सक्सेना ने तैयारी समीक्षा के दौरान देवरिया, फतेहपुर, झांसी, जालौन तथा बिजनौर की स्थिति संतोषजनक न पाये जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए तीन दिनों के अन्दर अपने समक्ष एक्शन प्लान को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशिष्ट वृक्षारोपण, विरासत वृक्ष वाटिका, वेटलैंड संरक्षण वन तथा मित्रवन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
