असम सहित पूरे देश के लिए मंगलकारी होगा श्रीश्री रुद्रमहायज्ञ एवम कामेश्वरी महाआराधना महायज्ञ : शंकरचार्य अधोक्षजानंद देवतीर्थ

—विदेश राज्य मंत्री, हाईकोर्ट के न्यायाधीश सहित तमाम जनप्रतिनिधि संध्या आरती में हुए शामिल

गुवाहाटी। श्री श्री रुद्र महायज्ञ एवं कामेश्वरी आराधना महायज्ञ बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भक्तिमय वातावरण में विधि विधान से संपन्न हुआ। खानापारा स्थित विशाल यज्ञशाला स्थल पर सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस दौरान केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री श्री पवित्र मार्ग्रटा, अरुणाचल के

उपमुख्यमंत्री चौनामीन, स्वास्थ्य मंत्री बीयुराम वागे,पूर्व मंत्री नियमाकार्वक, गुवाहाटी हाईकोर्ट के न्यायाधीश उन्नी कृष्णन सहित भारी संख्या में राजनीतिज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि संध्या आरती में शामिल हुए। इनलोगों ने यज्ञशाला की प्रदक्षिणा भी की। तदुपरांत चरण पादुका का पूजन कर शंकराचार्य भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ ने कहा कि यह महायज्ञ असम के साथ ही पूरे देश के लिए मंगलकारी होगा। उन्होंने उपस्थित लोगों को आर्शीवाद देकर उनके सुखी जीवन की कामना की।

आठ दिवसीय श्री श्री रुद्र महायज्ञ एवं कामेश्वरी आराधना महायज्ञ के तीसरे दिन बुधवार को भी यज्ञशाला स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। विद्वान आचार्यों के वेद ध्वनि से संपूर्ण वातावरण गूंजता रहा। देवी देवताओं का आवाहन कर विशेष हवन एवम पूजन कार्यक्रम भी सम्पन्न हुआ। दिन में भजन की सांगीतिक प्रस्तुति भी की गई।

इसके पूर्व महायज्ञ के दूसरे दिन मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अरणी मंथन से अग्नि देव प्रकट हुए। गोवर्धनमठ पुरी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ की उपस्थिति में विद्वान आचार्यों ने अग्निदेव को हवन कुंड में स्थापित किया। इस दौरान दर्जनों आचार्यों ने अग्निदेव को आहुति दी। विशाल यज्ञ मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार से आसपास का वातावरण गूंजता रहा। वहीं शंकराचार्य ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डाला।
यज्ञशाला में उपस्थित आचार्यों को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि अनादि काल से ही सनातन संस्कृति में यज्ञ का विशेष महत्व है। इससे देवी देवता प्रसन्न होते हैं और आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण होता है। हर व्यक्ति को किसी न किसी रूप में यज्ञ में सहभागिता निभानी चाहिए।

वहीं दोपहर बाद करीब 2:00 बजे असम प्रदेश के जल संसाधन मंत्री पीजुष हजारिका, सांसद विजुली कलिता मेधी, प्रदेश के मंत्री जयंत मल्लव बरुआ, पूर्व सांसद क्वीन ओझा, गुवाहाटी के मेयर मृगेन सेरानिया आदि यज्ञशाला स्थल पर आए एवं शंकराचार्य से शिष्टाचार मुलाकात की। उन लोगों ने शंकराचार्य से आशीर्वाद प्राप्त किया। इसी प्रकार तमाम जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी भी यज्ञशाला स्थल पर आए तथा शंकराचार्य से शिष्टाचार मुलाकात की। दिनभर श्रद्धालुओं का भी तांता लगा रहा। इनमें महिलाओं एवं युवाओं की संख्या अधिक थी। सभी ने श्रद्धा एवं भक्ति के साथ यज्ञ आदि अनुष्ठान देखा एवं शंकराचार्य से आशीर्वाद प्राप्त किया प्राप्त। सायं काल महायज्ञ का समापन महाआरती के साथ हुआ।
