आपदा सजगता और अनुशासन का सशक्त संगम: एन.सी.सी. विशेष शिविर का पाँचवाँ दिन निरीक्षण एवं प्रशिक्षण के साथ संपन्न

_सधे कदम, सशक्त सलामी: क्वार्टर गार्ड में निखरा अनुशासन का आदर्श_
प्रयागराज: सैनिक पी.जी. कॉलेज मई,देवकली, हनुमानगंज, प्रयागराज के परिसर में एन.सी.सी. ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के निर्देशन में 15 यूपी बटालियन एन.सी.सी., प्रयागराज द्वारा संचालित 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का पाँचवाँ दिन अनुशासन, प्रशिक्षण एवं राष्ट्रसेवा की भावना से ओतप्रोत वातावरण में प्रेरक रूप से संपन्न हुआ।
दिवस के प्रमुख सत्र में राज्य आपदा मोचन बल, उत्तर प्रदेश द्वारा कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं जीवन-रक्षा के विविध तरीकों का सुसंगठित प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्राकृतिक एवं मानवीय आपदाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रस्तुत की गईं, जिससे कैडेट्स को आपदा की परिस्थितियों को समझने, त्वरित निर्णय लेने तथा सुरक्षित बचाव की व्यावहारिक समझ प्राप्त हुई।
आज शिविर निरीक्षण के दौरान एन.सी.सी. ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के डिप्टी ग्रुप कमांडर कर्नल बी.पी. द्विवेदी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने क्वार्टर गार्ड की सलामी ग्रहण कर कैडेट्स के अनुशासन, सजगता एवं प्रशिक्षण स्तर की सराहना की। इस अवसर पर प्रशिक्षण अधिकारी श्री राजेश्वरी प्रसाद भी उपस्थित रहे।
कैम्प कमांडेंट कर्नल राहुल दुबे एवं डिप्टी कैम्प कमांडेंट मेजर संतोष जायसवाल द्वारा पधारे निरीक्षण अधिकारी का आत्मीय स्वागत किया गया। तत्पश्चात कैम्प एस.एम. सूबेदार राजेंद्र कुमार के साथ डिप्टी ग्रुप कमांडर महोदय ने कैम्प एरिया का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
सायंकालीन सत्र में कैडेट्स को टेंट पिचिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें उन्होंने टीमवर्क, तकनीकी दक्षता एवं आत्मनिर्भरता का प्रभावी प्रदर्शन किया। इसके उपरांत रोल कॉल के दौरान शिविर की मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई और कैडेट्स से संवाद स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं को समझा गया। साथ ही अगले दिन के कार्यक्रम की रूपरेखा से कैडेट्स को अवगत कराया गया।
अंत में राष्ट्रसेवा के संकल्प, अनुशासन की भावना और “भारत माता की जय” के गगनभेदी जयकारों के साथ पाँचवें दिन की गतिविधियों का प्रेरक समापन हुआ। यह दिवस कैडेट्स के व्यक्तित्व निर्माण, आपदा-सजगता एवं देश के प्रति समर्पण को और अधिक सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।
