एनएसएस विशेष शिविर का तृतीय दिवस जागरूकता कार्यक्रमों के साथ संपन्न

राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के विशेष शिविर का तृतीय दिवस उत्साह और सक्रिय सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल योग, प्राणायाम, प्रार्थना तथा व्यायाम से हुई, जिससे स्वयंसेविकाओं में शारीरिक एवं मानसिक ऊर्जा का विकास हुआ।
इसके पश्चात डॉ. चित्रा चौरसिया ने स्वयंसेविकाओं को एनएसएस का लक्ष्यगीत गवाया तथा उसके महत्व से अवगत कराया। इसके बाद डॉ. किरन मिश्रा ने कला एवं क्राफ्ट के माध्यम से छात्राओं को रचनात्मकता से परिचित कराया और उन्हें सृजनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित किया।
प्रथम सत्र में मद्य निषेध विभाग, उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत जादूगर धीरेंद्र प्रताप सिंह ने विभिन्न जादुई प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी और स्वयंसेविकाओं को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित किया। यह पहल उप मद्य निषेध अधिकारी अंकुर पाण्डेय एवं पंकज कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित की गई।
इसी सत्र में टीआई अमित कुमार ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से एक विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने सुरक्षित पैदल चलने के नियमों पर प्रकाश डालते हुए बाईं ओर चलना, पंक्ति में चलना, दिशा बदलते समय संकेत देना तथा चालक के साथ आई-कॉन्टैक्ट बनाए रखना जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने यातायात प्रबंधन के ‘फाइव ई’ कॉन्सेप्ट—इंजीनियरिंग, एजुकेशन, एनफोर्समेंट, एनवायरनमेंट एवं इमरजेंसी—से भी छात्राओं को अवगत कराया।
द्वितीय सत्र के प्रमुख वक्ता मनोचिकित्सक डॉ. राकेश पासवान थे। उन्होंने नशा मुक्ति विषय पर स्वयंसेविकाओं से संवाद करते हुए व्यवहारिक एवं पदार्थ संबंधी नशे के दुष्प्रभावों, आत्महत्या, मोबाइल एडिक्शन, गेम एडिक्शन तथा ज़ेनोफिलिया जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 की जानकारी देकर मानसिक स्वास्थ्य सहायता के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों, प्राचार्या, उपप्राचार्या, कार्यक्रम अधिकारियों तथा स्वयंसेविकाओं ने प्रयागराज को नशामुक्त बनाने की शपथ ग्रहण की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. अर्चना पाठक ने की, जबकि संचालन एनएसएस प्रभारी डॉ. रंजना त्रिपाठी द्वारा किया गया। अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. भारती देवी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के सफल समन्वयन में डॉ. दामिनी, डॉ. शिवानी एवं डॉ. सुधा का योगदान रहा।
