रानी रेवती देवी में अलंकरण समारोह सम्मान आयोजित किया गया
*ऋचा सिंह ने जिले की टॉप 10 सूची में नौवां स्थान हासिल किया*
*शिक्षा ही वह साधन है जिससे आप अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं- डॉक्टर राम मनोहर*

प्रयागराज l* विद्या भारती से संबद्ध काशी प्रांत के रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज राजापुर प्रयागराज में प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह के संयोजन में हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को माल्यार्पण, पदक एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया साथ ही साथ उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया l कक्षा 12वीं की छात्रा रिचा सिंह ने जिले में नौवां स्थान बनाकर विद्यालय एवं परिवार को गौरवान्वित किया l कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री डॉ राम मनोहर, विशिष्ट अतिथि प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी एवं अध्यक्ष के रूप में विद्यालय के प्रबंधक एवं डिप्टी सॉलिसिटर जनरल हाईकोर्ट प्रयागराज शिवकुमार पाल का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ l
विद्यालय के संगीताचार्य एवं मीडिया प्रभारी मनोज गुप्ता ने बताया कि हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा का परिणाम शत प्रतिशत रहा l आज सम्मानित होने वाले छात्र-छात्राओं में हाई स्कूल के पीयूष यादव, रिया पाल, अनुज कुमार पाल, श्रद्धा श्रीवास्तव, मेधा श्रीवास्तव, ऋषभ मौर्य, वेद प्रकाश, आकाश सिंह, सलोनी पांडे, सूरज कुमार यादव, हिमांशु पटेल, शिवम गुप्ता, विनय कुमार आर्य दिव्यांश कुमार श्रीवास्तव, अक्षत मौर्य एवं अर्पित वर्मा इसी प्रकार इंटरमीडिएट की रिचा सिंह, खुशी पांडे, सौम्या शुक्ला, विनीत यादव, आदर्श गिरी, अंकित यादव, श्रेया यादव, आदित्य मौर्य, आदर्श प्रताप सिंह, जैनब जुबेर एवं श्रेया यादव रहे l
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री डॉ राम मनोहर ने कहा कि सम्मानित होने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को बधाई! यह सफलता आपके अथक परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। मैं आपको भविष्य की नई ऊंचाइयों को छूने, निरंतर मेहनत करने और समाज व राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। शिक्षा ही वह साधन है जिससे आप अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं। लक्ष्य निर्धारित करें और उसे पाने के लिए निरंतर आगे बढ़ें। लेकिन जिन छात्रों को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली, वे निराश न हों। असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी है; धैर्य रखें और अगले प्रयास के लिए खुद को तैयार करें।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह ने अतिथियों का परिचय कराते हुए उनका स्वागत किया तथा संचालन सत्य प्रकाश पांडे और दिनेश कुमार शुक्ला ने किया l
