24-25 मई को दो दिवसीय प्रवास पर आएंगे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
81 दिवसीय ‘गविष्ठि यात्रा’ के तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंवाद, गौसंरक्षण व धर्म जागरण का देंगे संदेश

रिपोर्ट कुलदीप शुक्ला
प्रयागराज। गौमाता की रक्षा, सनातन धर्म के जागरण और हिंदू समाज को संगठित करने के उद्देश्य से गोरखपुर से प्रारंभ हुई 81 दिवसीय “गविष्ठि (गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा” के अंतर्गत शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती आगामी 24 एवं 25 मई को दो दिवसीय प्रवास पर प्रयागराज पहुंचेंगे। यात्रा के दौरान वह शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंवाद कर लोगों को गौसंरक्षण, धर्मरक्षा और सांस्कृतिक चेतना के प्रति जागरूक करेंगे।
शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश कार्यक्रम प्रभारी संजय मिश्रा, प्रयागराज मंडल लोकसभा संयोजक धनंजय मिश्र तथा यात्रा मंडल सह-संयोजक नर नारायण सिंह ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य पिछले कई वर्षों से देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर अभियान चला रहे हैं। इसी उद्देश्य को लेकर गोरखपुर से 81 दिवसीय यात्रा प्रारंभ की गई है, जिसका समापन 24 जुलाई को गोरखपुर में ही होगा।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि यह यात्रा उत्तर प्रदेश की विभिन्न विधानसभाओं से होकर गुजर रही है, जहां शंकराचार्य जनमानस को गौसंरक्षण और धर्म के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।
पहले दिन शहर के प्रमुख मार्गों से निकलेगी यात्रा
24 मई को यात्रा सिकंदरा बजहाँ क्षेत्र से प्रारंभ होगी। इसके बाद यात्रा पुरामुफ्ती, मनौरी, धूमनगंज, तेलियरगंज, फाफामऊ, सहसों, फूलपुर, प्रतापपुर, हंडिया, सैदाबाद, झूंसी, रामबाग, बैरहना, जॉनसनगंज, प्रयागराज जंक्शन, खुल्दाबाद, लोकनाथ, बहादुरगंज, राम भवन तथा कोठापार्चा सहित विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पूज्य महाराज का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया जाएगा। प्रथम दिवस का समापन पत्थरचट्टी रामलीला मैदान में उद्बोधन एवं विश्राम कार्यक्रम के साथ होगा। यहां आमजन के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग एक घंटे तक शंकराचार्य लोगों से सीधा संवाद करेंगे।
25 मई को यात्रा श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होगी। इसके बाद नया पुल, नैनी, मेजा रोड, कोरांव, पसवा, कोहड़ार घाट, बरधहा, खैरा, करछना, बेला, करेहा, पूर्व खास, सांडो पंचायत, करमा और गौहत्निया सहित कई क्षेत्रों से यात्रा गुजरेगी।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्वागत, अभिनंदन और आशीर्वचन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दूसरे दिन का समापन जसरा बाजार में प्रस्तावित है, जहां पूज्य महाराज ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी संबोधित करेंगे और रात्रि विश्राम करेंगे।
यात्रा संयोजकों ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों, गौभक्तों और सनातन धर्मावलंबियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पूज्य शंकराचार्य के दर्शन, आशीर्वचन तथा गौसंरक्षण संकल्प यात्रा में सहभागी बनने की अपील की है।
