शुद्ध जल का सेवन, स्वस्थ जीवन का आधार
दूषित पानी से बढ़ता है बीमारियों का खतरा, पेयजल की गुणवत्ता को लेकर बरतें विशेष सावधानी

उजाला शिखर
कोरांव, प्रयागराज। स्वस्थ जीवन के लिए शुद्ध पेयजल बेहद जरूरी है। पानी शरीर के तापमान को नियंत्रित करने, पाचन, रक्त संचार और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं दूषित पानी कई जलजनित बीमारियों का कारण बन सकता है।
कोरांव एवं आसपास के क्षेत्रों में भूजल की गुणवत्ता को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत है। खेतों में जमा पानी, नहर-नालों का दूषित पानी तथा सेप्टिक टैंक से होने वाला रिसाव भूजल को प्रभावित कर सकता है। इसलिए हैंडपंप और अन्य पेयजल स्रोतों को गंदगी तथा प्रदूषण के संभावित स्रोतों से सुरक्षित दूरी पर रखना चाहिए। पानी की शुद्धता पर संदेह होने पर उसे उबालकर पीना बेहतर है। वाटर फिल्टर या आरओ का इस्तेमाल करने वालों को समय-समय पर उसकी सफाई और सर्विसिंग करानी चाहिए। पानी को हमेशा साफ और ढके हुए बर्तन में रखें तथा खुले या संदिग्ध जलस्रोतों का पानी पीने से बचें। बरसात के मौसम में जलस्रोतों के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में पेयजल की स्वच्छता के साथ हाथों की सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है। भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने जैसी छोटी-छोटी सावधानियां कई बीमारियों से बचाव में मददगार साबित हो सकती हैं।
शुद्ध पानी अपनाएं, जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाएं और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।
