राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने IIIT इलाहाबाद में मनाया रक्षाबंधन उत्सव
डॉ. कृष्ण गोपाल ने भगवा ध्वज को रक्षा सूत्र बांधकर धर्म की रक्षा के संकल्प लेने का आह्वान किया

प्रयागराज । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छह उत्सवों में से एक रक्षाबंधन का समारोह इस वर्ष IIIT इलाहाबाद के ऑडिटोरियम में बड़ा उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. कृष्ण गोपाल जीसह-सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ थे। समारोह के अध्यक्ष संस्था के निदेशक मुकुल शरद सुतावणे जी ने भारतीय संस्कृति को रिश्तों के उत्सव के रूप में प्रदर्शित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन अब केवल भाई-बहन तक सीमित नहीं रह गया, यह अबल और सबल के बीच सुरक्षा और संरक्षण का पर्व बन गया है।
शुक्रवार को स्वयं कॉल परिसर में संपन्न हुए इस कार्यक्रम मेमुख्य वक्ता डॉ. कृष्ण गोपाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि इतिहास में बड़े‑बड़े सामाजिक आंदोलनों के दौरान लोग गंगा तट पर एक‑दूसरे को रक्षा सूत्र बाँधकर एकता और समर्पण का संकल्प लेते रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्म किसी एक व्यक्ति द्वारा आरम्भ नहीं किया गया तत्व है; धर्म वे सार्वभौमिक मूल्य हैं जो समाज को जोड़ते हैं। डॉ. गोपाल ने कहा, “ध्वज धर्म का प्रतीक है—हम भगवा ध्वज को रक्षा सूत्र बाँध कर धर्म की रक्षा का संकल्प लेते हैं। ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’।”
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत एक बहुभाषी, बहु-धार्मिक और बहु-सांस्कृतिक देश है, जिसमें विविधता को जोड़कर रखने वाला तत्व धर्म ही है। विदेशी आक्रमणों और विभाजन के कारण सामाजिक बिखराव आया, पर संघ का प्रयास इन तोड़-फोड़ों के बीच एकता और बंधुता स्थापित करना रहा है। संघ ने रक्षाबंधन को पारंपरिक भाई‑बहन के रिश्ते से ऊपर उठाकर वंचितों, वनवासियों और गिरिवासियों के प्रति अपनत्व और सुरक्षा का संकल्प बनाया है।
डॉ. गोपाल ने वर्तमान सामाजिक परिदृश्य पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि भौतिक समृद्धि के साथ-साथ मन की गरीबी बढ़ती जा रही है। उन्होंने अपार्टमेंट संस्कृति और अकेलेपन की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमें आत्मीयता और सामाजिक जुड़ाव को प्रोत्साहित करना होगा ताकि समाज की पवित्रता बनी रहे। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सम्पूर्ण देशवासी एक-दूसरे को रक्षा सूत्र बाँधकर आपसी स्नेह और सौहार्द्र बढ़ाएँ।
समारोह के मंच पर विभाग संघ चालक डॉ. कृष्ण पाल जी तथा नगर संघ चालक रामेश्वर जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र जी (सह‑भाग कार्यवाह, दक्षिण भाग) ने किया। अन्य उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी एवं प्रचारक थे — सुबंधु जी (विभाग प्रचारक), आशीष मोहन जी (विभाग सह कार्यवाह), अंकित जी (जिला प्रचारक), वसु जी (विभाग प्रचार प्रमुख), कृष्णामनोहर जी, विकास जी, राजदेव जी, राजेश जी इत्यादि। कार्यक्रम में लगभग 1500 से अधिक कार्यकर्ता और नागरिकों ने सहभागिता की।
समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने एकजुटता और परस्पर सुरक्षा के संदेश के साथ कार्यक्रम का समर्थन किया और विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजनों से सामाजिक सौहार्द्र और राष्ट्रीय एकता को बल मिलेगा।
