महानगरपालिका का कुचरा, डिब्बा मुक्त मुंबई अभियानं
ठेकेदारों के जरिये घर घर से होगा कचरा संकलन
मुंबई श्रीकेश चौबे;- मुंबई महानगरपालिका ने ठेकेदरों के जरिये कचरा संग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये कंपनियाँ अब गाड़ियाँ और मैनपावर दे रही हैं। इसलिए, आने वाले दिनों में मुंबई में पब्लिक कचरे के डिब्बे सड़कों से हमेशा के लिए हटा दिए जाएँगे। मुंबईकरों का कचरा उनके घरों और सोसाइटियों से इकट्ठा किया जाएगा और उन्हें अब पब्लिक जगहों पर कचरा फेंकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसलिए, अगले पाँच सालों में, पब्लिक कचरे के डिब्बे धीरे-धीरे गायब हो जाएँगे और कचरा डिब्बा मुक्त मुंबई होगा ।
मुंबई महानगरपालिका ने कचरा संकलन के काम को प्राइवेट कर दिया है और कचरा संग्रहण और ढुलाई के काम के लिए प्राइवेट कंपनियों को चुना है, जो गाड़ियाँ और मैनपावर सर्विस देंगी। महानगरपालिका ने 23 वार्ड ऑफिस क्षेत्र से कचरा इकट्ठा करने के लिए ठेकेदारों को आठ ग्रुप में बाँटा है। इन सभी नियुक्त ठेकेदारों की सेवाएं सितंबर से पूरी तरह से मिलेंगी, जबकि ग्रुप नंबर 2 में इ, एफ दक्षिण और एफ उत्तर वार्ड के लिए कॉन्ट्रैक्ट का काम पिछले महीने मंजूर हो गया था, इसलिए इन वार्ड ऑफिस में आखिरकार गाड़ियाँ और मैनपावर की सुविधा होगी। जबकि पूर्वी उपनगरों में एल, एम् पूर्व और एम् पश्चिम वार्ड लिए महानगरपालिका की गाड़ियां और कर्मचारी होंगे।
इन्हीं कचरा ठेकेदारों के जरिए अब रिहायशी सोसाइटियों को कचरा डिब्बे दिए जाएंगे। मनपा के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग केअधिकारियों के मुताबिक, मुंबई में अभी 1800 पब्लिक कचरा डिब्बे हैं। 22 हजार से ज्यादा डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सेंटर भी हैं। एक पब्लिक कचरा कलेक्शन सेंटर बंद करने के बाद करीब 10 से 15 डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सेंटर बन जाते हैं। इसलिए, ठेकेदार को सभी खुले में कचरा डालने की जगहें और सभी पब्लिक कचरा कलेक्शन सेंटर खत्म करने होंगे। इस तरह अगले चार सालों में इन पब्लिक कचरा डिब्बों को बंद करके घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा करने पर जोर दिया जाएगा। इसलिए, अधिकारियों ने साफ़ किया है कि अगले चार सालों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की रफ्तार बढ़ाकर सड़कों से पब्लिक डस्टबिन हमेशा के लिए हटा दिए जाएंगे।
