टीएमयू में भक्ति, अध्यात्म और संगीत का अद्भुत संगम

तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय,मुरादाबाद में पर्वाधिराज दशलक्षण महापर्व का दस दिवसीय आयोजन श्रद्धा, आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास की अद्भुत छटा बिखेरते हुए सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। दस दिनों तक विश्वविद्यालय परिसर का वातावरण प्रातःकालीन पूजा-अर्चना, शांतिधारा, प्रवचन, आरती और संध्याकालीन भजनों से गूंजता रहा। प्रतिदिन पंच परमेष्ठि पूजन, चौबीसी जिन पूजन, चंद्रप्रभु भगवान पूजन, वसुपूज्य जिन पूजन, अनंतनाथ भगवान पूजन, तत्वार्थ सूत्र वाचन तथा विशेष दशलक्षण पूजा विधिविधान के साथ सम्पन्न हुई। महापर्व के दौरान टीएमयू की फैकल्टी एवं विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से धर्म, त्याग, संयम और जीवन-मूल्यों का संदेश दिया। दशलक्षण महापर्व के दौरान संध्याकालीन आरती का आयोजन विशेष श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। आरती को कुलाधिपति परिवार के निवास से जिनालय लाया गया, जिसके बाद रिद्धि-सिद्धि भवन में भव्य संगीतमय आरती हुई। इस अवसर पर कुलाधिपति परिवार के सदस्यों के साथ विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी ने भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए 1008 दीपों से भव्य आरती की गई,जिसमें उत्साहपूर्वक सहभागिता की।मुजफ्फरनगर से आए हुए अतिथियों, श्री सम्यक जैन, श्री राजीव जैन एवं एवं उनके परिवार ने भी श्री जी की आरती एवं भक्ति नृत्य में सहभागिता की। विद्यार्थियों ने भजन-संध्या में अपनी प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सामूहिक आरती, भजनों और नृत्य से पूरा परिसर श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।समापन समारोह का भावुक और आत्मीय क्षण दस दिवसीय उपवास करने वाले उपवासियों का पारणा रहा। कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, श्रीमती वीणा जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन, श्रीमती ऋचा जैन, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन एवं श्रीमती जाह्नवी जैन ने स्वयं अपने हाथों से उपवासियों को पारणा कराया। इस अवसर पर मुरादाबादी दाल, मूंग चीला, हलवा, विभिन्न प्रकार के फल एवं अन्य स्वादिष्ट व्यंजनों का फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों ने आनंद लिया। इस अवसर पर श्रद्धा, प्रेम और आत्मीयता का भावपूर्ण वातावरण देखने को मिला।
समापन अवसर पर आयोजित विशेष संगीतमय कार्यक्रम- आरजेएस एक्सपीरियंस ने समारोह को यादगार बना दिया। प्रसिद्ध जैन भक्ति गायक एवं संगीतकार ऋषभ जैन एवं संभव जैन ने भगवान महावीर, णमोकार मंत्र और पर्युषण जैसे आध्यात्मिक विषयों पर आधारित अपनी लोकप्रिय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय परिवार को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। दोनों भाइयों की मधुर प्रस्तुतियों और आधुनिक संगीत शैली के संगम ने उपस्थित दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया और पूरा परिसर भक्ति एवं संगीत की स्वर-लहरियों से गूंज उठा। दस दिवसीय महापर्व ने टीएमयू परिसर को भक्ति, त्याग, संयम, संस्कृति और आध्यात्मिकता के अद्भुत संगम में बदल दिया। पूजन से लेकर प्रवचन, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से लेकर पारणा तथा संगीतमय समापन तक, प्रत्येक आयोजन ने आस्था और अध्यात्म की अनूठी छाप छोड़ी। इस अवसर पर टीएमयू के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, श्रीमती वीना जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन, श्रीमती ऋचा जैन, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन एवं श्रीमती जाह्नवी जैन सहित विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

