26 जनवरी को दिल्ली परेड में दिखेगा प्रयगराज का पारंपरिक ढेड़िया लोक नृत्य

संगीत के क्षेत्र में एक स्थापित नाम जिसने भारत में ही नही भारत के बाहर भी अपनी पहचान एक लोक कलाकार के नाम से बनाई है पिछले 30 वर्षों से आनन्द लोक संगीत के क्षेत्र में कार्य कर रहे है देश के नामचीन कलाकारो के साथ ढोलक एव तबला वादन के माध्यम से संगत कर चुके है आनन्द किशोर एक जाना माना नाम है उत्तर प्रदेश का पारंपरिक ढेड़िया लोक नृत्य को एक ऊंचाई देने में आनन्द किशोर का नाम जरूर लिया जाता है।

दिल्ली में होने वाले परेड में 26 जनवरी को देश के विभिन्न राज्यो से आए लोक कलाकारों के बीच प्रयागराज का ढेड़िया लोक नृत्य को भी लोग देख सकेंगे जिसके लिए संस्कृति मंत्रालय ने प्रायगराज से आनन्द किशोर के दल का चयन किया है संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के जोन उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक ने इस बार 2024 मे होने वाले परेड के लिए लोक कलाकार आनन्द किशोर का चयन किया है जिसके लिए आनन्द किशोर की टीम 26 दिसम्बर को दिल्ली के लिए रवाना होगी, दिल्ली में होने वाले भव्य परेड के लिए 1 महीने के अभ्यास के बाद सभी कलाकारों को 26 जनवरी 2024 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपनी प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा इस कार्यक्रम में आनन्द के टीम में जो 16 कलाकार जा रहे है वो सभी प्रयागराज की बेटियां है।

प्रयाग संगीत समिति की भरत नाटयम की अध्यापिका सुश्री, 1,अर्शिता यादव, एव अन्य, 2,प्राची, 3,नंदनी,4 प्रियंका माली,5 शुभी,6 शिवांगी ,7 श्रद्धा,8,तनुष्का,9 ,राशि,10,उमा,
11,सिमरन,12,गीतांजलि,13 खुशी,14सुप्रिया कुमारी,15 ,मुस्कान,16,अदिति। इन सभी कलाकारों को आनन्द ने अपने ग्रुप में प्रशिक्षित किया है साथ ही इन सभी बेटियो को आनन्द राष्ट्रीय स्तर के बड़े महोत्सवों में भी अपनी प्रस्तुति देने के लिए अवसर देते है आनन्द किशोर खुद राष्ट्री स्तर के लोक कलाकार है वर्ष 2010 में संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार ने लोक संगीत , लोक वाद्य ढोलक पर शोध कार्य के लिए नेशनल जूनियर फैलोशिप से भी सम्मानित किया इसके अलावा देश भर से बड़े बड़े सम्मान पा चुके आनन्द संगीत के क्षेत्र में अपनी खासी पकड़ रखते है आनन्द लगभग 18 वाद्य यंत्र बजा लेते है इसके अलावा गायन, में भी खासी पकड़ रखते है साथ ही आनन्द ने लगभग 100 से भी ज्यादा गीतों को स्वरबद्ध किया है और वर्ष 2015 में ढेडिया लोक नृत्य के लिए एक गीत लिखा और उसे स्वर बद्व किया जिसे आज ढेडिया लोक नृत्य के लिए देश ही नही विदेशों में भी लोग खूब पसंद करते है पिछली बार दिल्ली परेड में ओर देश भर में होने वाले G20 के कार्यक्रमो में भी आनन्द के द्वारा लिखे गीत को प्रयोग में लाया गया था जिसके बोल है , बडे भाग्य से आए श्री राम प्रयाग में उतारे ढेड़िया जुग जुग जिये सिया वर राम की नज़र उतारे ढेडिया, वर्तमान समय में आनन्द प्रयाग संगीत समिति में तबला अध्यपक पद पर कार्यरत है साथ ही इलाहाबाद पब्लिक स्कूल चौफटका में संगीत अध्यपक है ।
