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मानव जीवन में जल का संरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है- शिवाकांत

मानव जीवन में जल का संरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है- शिवाकांत

जल जीवन मिशन प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों  को दिया गया प्रशिक्षण:-


करछना,प्रयागराज/- मानव जीवन‌ को खुशहाल जीवन व्यतीत करने के लिए जल संसाधनों को संरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है। जल संसाधनों की कमी प्राकृतिक वातावरण को भी खराब करता है पानी के बिना कोई भी प्राणी जीवित नहीं रह सकता पारंपरिक तथा आधुनिक व्यवस्था में जल की विशिष्ट भूमिका है तथा यह पीने घरेलू कृषि एवं उद्योगों सहित समस्त दैनिक कार्यों के लिए अनिवार्य है स्वच्छ एवं शुद्ध पानी अनोखा पदार्थ है इसलिए इसका महत्व समझने व इसे संरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है पानी का संरक्षण सहित तथा भूजल संसाधनों को प्रदूषण से बचाने में भी सहायक होता है जल संरक्षण के द्वारा पानी की खपत को एक तिहाई तक काम किया जा सकता है जल के सदुपयोग से पानी तथा सीवर की लागत को तेज प्रभाव कम कर सकते हैं पानी के सदुपयोग के बिल कम करता है

 

जिससे उपभोक्ताओं की आर्थिक बचत भी होती है विभिन्न पर्यावरण लाभ अर्थात स्थानीय झरनों में उपलब्ध पानी में वृद्धि भूजल स्तर में स्थिरता प्रदूषण से सुरक्षा आदि होती है तथा बड़े जलाशयों तथा बांधों की आवश्यकता को काम करता है भूजल की निकासी और नियंत्रण की आवश्यकता को काम करता है विकासखंड करछना के ब्लाक सभागार में शुक्रवार को दो दिवसीय जल जीवन मिशन कार्यक्रम में जल संरक्षण पर जल शुद्धता हर घर जल योजना के अंतर्गत विकासखंड के समस्त ग्राम पंचायत से विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं को यूनोप्स के जिला सलाहकार शिवाकांत द्विवेदी ने दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान उक्त बातें विस्तार पूर्वक बताई। इस मौके पर
धीरेंद्र द्विवेदी, राकेश सिंह, दिवाकर पटेल, प्रदीप पटेल, संगीता,सतेन्द्र सिंह एवं शिक्षकों में निहाल अहमद, संतोष चौबे, नीता मेहरोत्रा, वंदना सोनी विदिशा ,आशा,सूर्यकांत सिंह,नीलम आदि बड़ी संख्या में अध्यापक व अध्यापिकाएं मौजूद रही।

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