नेत्रकुंभ में तकनीकी समावेशन के नये युग का सूत्रपात-चंद्रशेखर

रिपोर्ट शिव जी मालवीय
दृष्टि बाधितों के लिए ज्योति स्मार्ट एआई ग्लासेज वितरण कार्यक्रम आयोजित
प्रयागराज। सामाजिक संस्था सक्षम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि नेत्र कुंभ 2025 में तकनीकी समावेशन के नये युग का सूत्रपात हुआ है। ये अत्याधुनिक उपकरण दृष्टिहीन लोगों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। हमंे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि हमने इस नेत्र कुंभ में एआई आधारित स्मार्ट चश्मा और उससे जुड़े स्मार्टफोन का वितरण किया है। चंद्रशेखर समदृष्टि, क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल के तत्वावधान में आयोजित ‘दृष्टि बाधितों के लिए ज्योति स्मार्ट एआई ग्लासेज वितरण’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन रविवार को कुंभनगर के सेक्टर 6 स्थित बजरंग दास मार्ग पर नेत्र कुंभ के सभागार में किया गया।
सक्षम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री ने कहा कि जैसे ही चश्मा आसपास के दृश्यों को कैप्चर करता है, स्मार्ट फोन तुरंत उसकी जानकारी को उनकी सुनवाई में परिवर्तित कर देता है। जिससे वे अपने परिवेश को बेहतर ढ़ंग से समझ और अनुभव कर पाते हैं। इस अवसर पर नेत्र कुंभ आयोजन समिति के चिकित्सा निदेशक डाक्टर एसपी सिंह ने कहा कि यह तकनीकी नवाचार समाज में समवेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जो सुनिश्चित करता है कि हर व्यक्ति को समान अवसर मिले।
कार्यक्रम में नेत्र कुंभ आयोेजन समिति के अध्यक्ष केपी सिंह ने कहा कि हम इस प्रयास के माध्यम से न केवल दृष्टिहीन लोगों के जीवन में बदलाव ला रहे हैं बल्कि एक समावेशी और उज्ज्वल भविष्य की ओर भी अग्रसर हैं। वहीं आयोजन समिति के महाप्रबंधक सत्यविजय सिंह ने कहा कि हम लोगों का दायित्व है कि इस अद्भुत पहल का समर्थन करें। साथ ही इस तकनीक के जरिए हर व्यक्ति तक रोशनी पहुंचाए। इस अवसर पर टच इट फाउंडेशन द्वारा एक सौ से अधिक एआई सक्षम स्मार्ट चश्मा, स्मार्ट फोन एवं स्मार्ट केन का वितरण किया गया। ये अत्याधुनिक उपकरण दृष्टिहीन एवं दूसरे लोगों पर निर्भर लोगों को आत्मनिर्भर एवं अर्थपूर्ण जीवन जीने लायक बनाने की ओर अग्रसर करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। फाउंडेशन के दिनेश बहल एवं हनी भागचंदानी ने बताया कि फाउंडेशन का उद्देश्य सरल, प्रभावी और किफायती उपकरणों के माध्यम से एक सतत इको सिस्टम का निर्माण करना है जो सहायक गतिशीलता, पहुंच, वित्तीय स्थायित्व और साक्षरता को बढ़ावा दे। कार्यक्रम में कमलाकांत आदि भी उपस्थित थे।
