“राजऋषि पखवाड़ा” का नवम चरण: सृजनात्मकता, परंपरा और प्रतिभा की त्रिवेणी

अखिल भारतीय युवा खत्री समाज दिल्ली ने राजर्षि पुरूषोत्तम दास टडंन जी के आदर्शो को जीवित रखने के लिए आयोजित प्रतियोगिताओ मे आज भी कीर्ति मान स्थापित किया :-
“राजऋषि पखवाड़ा” का नवम चरण: सृजनात्मकता, परंपरा और प्रतिभा की त्रिवेणी
प्रयागराज, 30जुलाई।
भारत रत्न राजऋषि पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती के अवसर पर आयोजित “राजऋषि पखवाड़ा”का नवम पड़ाव आज नगर के विभिन्न प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कृष्ण बहल जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
जिसमे स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर (कल्याणी देवी), नवीन शिशु वाटिका,वृंदा करात जूनियर हाई स्कूल,एवं एल.बी.एस. हंती जूनियर हाई स्कूल में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं लगन के साथ कला, मेहंदी, निबंध लेखन और विशेष आकर्षण रहे सुई-धागा-बटन जैसी पारंपरिक दक्षता पर आधारित प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रकट करना था,बल्कि भारतीय परंपरा और आत्मनिर्भरता की भावना को भी प्रोत्साहित करना रहा। नन्हें हाथों से रचे गए चित्रों, सुगंधित मेंहदी रेखाओं,भावपूर्ण निबंधों और सिलाई के सुगढ़ कौशल ने सभी को अभिभूत कर दिया।
प्रतियोगिता की सफलता में संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं संस्था के समर्पित पदाधिकारियों बृजेश मेहरोत्रा कार्यक्रम प्रमुख उत्तरप्रदेश,श्री समुद्र गुप्त जी,श्री अंजनी शुक्ला जी,आनंद पप्पन जी टंडन, बृजेश बिट्टू सिड़ाना,श्रीमती विनीता मिश्रा,श्रीमती मंजूषा सिंह, डॉ नीता सेठ, श्रीमती सुनीता पाण्डेय, श्रीमती नीलम बहल का योगदान सराहनीय रहा।
“राजऋषि पखवाड़ा”की यह कड़ी न केवल प्रतियोगिता थी, अपितु एक सजीव संस्कारशाला भी सिद्ध हुई — जहाँ बच्चों ने राष्ट्रभक्ति, श्रम और सृजन का सुंदर संगम देखा।
