यूनाइटेड इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (UIM) में लगाया गया बिज़नेस मेला 2025

प्रयागराज यूनाइटेड इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (UIM) ने 31 अक्टूबर 2025 को अपने प्रांगण में “बिज़नेस मेला 2025” का भव्य आयोजन किया। यह आयोजन नवाचार, उद्यमिता और विचार-आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
कार्यक्रम की थीम “Empowering Ideas, Igniting Futures”(विचारों को सशक्त बनाना, भविष्य को प्रज्वलित करना) थी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को Concept और Idea Selling की दिशा में प्रोत्साहित करना था। इस आयोजन के माध्यम से MBA और MCA के विद्यार्थियों को पारंपरिक उत्पाद बिक्री से आगे बढ़कर अपने अभिनव व्यावसायिक विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला, जिससे उनकी रचनात्मक सोच, रणनीतिक दृष्टिकोण और उद्यमशीलता कौशल को निखारने में सहायता मिली।
कार्यक्रम में कुल 48 छात्र समूहों ने भाग लिया और अपने स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए। इन विचारों में नवाचार, सामाजिक जिम्मेदारी और बाजार की समझ का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला।
प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन निम्नलिखित निर्णायक मंडल द्वारा किया गया:
* प्रो. अखिलेश चंद्र पांडे,एसोसिएट प्रोफेसर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय
* श्री नागेंद्र सिंह, सीनियर मैनेजर – एचआर, श्री साई इलेक्ट्रिकल्स, प्रयागराज
* श्री अनिल शर्मा, जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड, प्रयागराज
निर्णायकों ने विद्यार्थियों के विचारों की सराहना की और उन्हें उद्यमशीलता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उपयोगी सुझाव प्रदान किए।
इस अवसर पर यूनाइटेड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स (UGI) के कई वरिष्ठ गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें —
श्री गौरव गुलाटी (सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, यूजीआई),
प्रो. आलोक मुखर्जी (प्रिंसिपल, यूआईपी),
डॉ. स्वप्निल श्रीवास्तव (प्रिंसिपल, यूसीईआर),
डॉ. संजय श्रीवास्तव (प्रिंसिपल, यूआईटी) तथा
डॉ. देवेंद्र तिवारी (प्रिंसिपल, यूआईएम-एफयूजीएस) शामिल थे।
उनके प्रोत्साहन और मार्गदर्शन ने विद्यार्थियों को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. के. के. मालवीय, प्रिंसिपल, यूआईएम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, प्रस्तुति कौशल और व्यावसायिक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविकताओं से जोड़ते हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
