*तीसरी माहे मोहर्रम*
*जुलूस मजलिस मातम मे हो रहा करबला के बलीदानी इमाम हुसैन का तज़केरा*

माहे मोहर्रम के जैसे जैसे दिन बीत रहे है वैसे वैसे मजलिस मातम के साथ अब जुलूस भी निकलने शुरु हो गए हैं।भोर से काले लिबास पहन कर अज़ादार ए इमाम हुसैन एक अज़ाखाने से दूसरे अज़ाखाने मजलिस मे शिरकत कर जनाबे ज़हरा को उनके लाल हुसैन की शहादत पर ग़मगीन रहकर आँसूओं का नज़राना पेश कर रहे है।बख्शी बाज़ार दायरा शाह अजमल ,रौशनबाग़ ,रानीमण्डी ,करैली दरियाबाद ,शाहगंज ,पानदरीबा ,चक ,बहादुरगंज ,गुड़मंडी सहित अनेकों इमामबाड़ो व अज़ाखानों मे कहीं मरदानी तो कही ज़नानी मजलिस हो रही है।शियाहमुर्ग़ मे नासिर ज़ैदी के आवास पर सालाना मजलिस हुई कामरान रिज़वी ने सोज़ व सलाम पढ़ा तो ज़हीर अब्बास भय्या ने मजलिस को खेताब किया।अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया के नौहाख्वानों शादाब ज़मन ,अस्करी अब्बास एखलाक़ रज़ा ,ज़हीर अब्बास ,कामरान ,यासिर ज़ैदी आदि ने शायर तालिब इलाहाबादी का नया कलाम पढ़ कर माहौल को ग़मज़दा बना दिया।वहीं तीसरी मोहर्रम पर दरियाबाद स्थित इमामबाड़ा हुसैन अली खाँ से अलम ताबूत और ज़ुलजनाह की शबीह का जुलूस निकाला गया जो अपने परमपरागत मार्गों पर गश्त करता रहा।सभी शबीह क़दम रसूल से फूलों से सजा कर निकाली गई।जुलूस के आयोजक ज़ौरेज़ हैदर के अनुसार अनजुमन हाशिमया के नौहाख्वानों सफदर अब्बास डेज़ी ,अर्शी ,यासिर सिबतैन ,फैज़ी ,खुशतर नवाज़ ,अनादिल ,मोहम्मद दानिश ,मोनिस अब्बास आदि ने शायर औन प्रताबगढ़ी का लिखा नौहा शामे ग़रीबाँ आ गई सर पर ज़ैनब है और तनहाई है।कोई नहीं है मोनिसो यावर ज़ैनब है तनहाई है।शायर डॉ क़मर आब्दी का लिखा नौहा खाक़ पर हाय ग़ज़ब अहले हरम बैठे हैं।अपनी आँखों को किए अश्कों से नम बैठे हैं।नौहे के तर्ज़निगार अनादिल के ग़मगीन नौहे सुन कर हुसैन के शैदाईयों की आँखें छलक पड़ीं।बड़ी संख्या मे महिलाओं ने तबरुक़ात पर फूल माला चढ़ा कर नौहा और मातम का नज़राना पेश किया।जुलूस व मजलिसों मे आग़ा सरदार ,शाहबहादुर ,मशहद अली खाँ ,अकबर अली ,रानू ,डावर नवाज़ ,शफक़त अब्बास पाशा आदि मौजूद रहे।वहीं असग़र मंज़िल मे मजलिस हुई और अन्जुमन नक़विया के नौहाख्वान शाहरुक़ शबी हसन ,क़िबला ,शानू नक़वी आदि ने रौनक़ सफीपुरी और रज़ा सिरसिवी का कलाम पढ़ा।अज़ाखाना निशाद हुसैन दरियाबाद मे तीसरी मोहर्रम की मजलिस को मौलाना इरफान हैदर ने खिताब किया।हैदर अब्बास ने मर्सियाख्वानी के द्वारा करबला के 72 शहीदों को याद किया अन्जुमन हुसैनिया रजिस्टर्ड के नौहाख्वानों ने पुरदर्द नौहा पढ़ा।इमामबाड़ा मोजिज़नुमा मे मजलिस हुई नजीब इलाहाबादी के संचालन मे हुई मजलिस के बाद अन्जुमन मोहाफिज़े अज़ा के नौहाख्वान ग़ुलाम अब्बास नक़वी ने ग़मज़दा नौहा पढ़ा तो आँखों से अश्कों की धारा फूट पड़ी।रज़ा हसनैन ,बाक़र नक़वी ,हसन नक़वी ,सैय्यद मोहम्मद अस्करी ,जावेद नक़वी आदि शामिल रहे।
