महाशिवरात्रि पर बरम बाबा धाम में रुद्राभिषेक, भंडारा और विश्व कल्याण की कामना

प्रयागराज। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बरम बाबा धाम में भक्ति, आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस पावन अवसर पर संत शिरोमणि कालका दास महाराज के सान्निध्य में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक, पूजन एवं भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
प्रातः काल से ही धाम परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। भक्तों ने हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके बाद विशेष रुद्राभिषेक अनुष्ठान संपन्न हुआ, जिसमें शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प और विभिन्न पूजन सामग्रियां अर्पित की गईं। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस अवसर पर कालका दास महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की आराधना और आत्मशुद्धि का महान अवसर है। उन्होंने बताया कि इस दिन रुद्राभिषेक करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का आगमन होता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव अत्यंत भोले और दयालु हैं, जो अपने भक्तों की सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
महाराज जी ने कहा कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव से केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे विश्व, राष्ट्र और समाज के कल्याण की कामना की जाती है। उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना करते हुए कहा कि विश्व में शांति स्थापित हो, समाज में प्रेम और भाईचारा बना रहे तथा सभी लोगों के जीवन में खुशहाली आए।
इस अवसर पर धाम में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की व्यवस्था में धाम के सेवकों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। श्रद्धालुओं ने इसे सेवा और पुण्य का कार्य मानते हुए पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
धाम परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की सजावट और धार्मिक ध्वजों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दे रहा था। भजन-कीर्तन और शिव स्तुति से श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
कालका दास महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि भारत संतों और ऋषियों की पावन भूमि है और यहां की आध्यात्मिक परंपरा पूरे विश्व के लिए मार्गदर्शक रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धर्म, संस्कृति और मानव सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
अंत में उन्होंने सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए भगवान शिव से सभी के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर बरम बाबा धाम में आस्था और भक्ति का जो अद्भुत दृश्य देखने को मिला, वह श्रद्धालुओं के लिए जीवनभर की यादगार बन गया।
