सीएमपी डिग्री कॉलेज, प्रयागराज में “एआई एंड इंडिया – व्हाट इज़ द एक्सपेक्टेशन” विषय पर व्याख्यान का आयोजन

प्रयागराज
सीएमपी डिग्री कॉलेज, प्रयागराज में “एआई एंड इंडिया – व्हाट इज़ द एक्सपेक्टेशन” विषय पर व्याख्यान का आयोजन 26 फरवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक किया गया। यह कार्यक्रम कॉलेज के न्यू एकेडमिक ऑडिटोरियम तथा ऑनलाइन माध्यम ,गूगल मीट के जरिए संपन्न हुआ।
इस व्याख्यान का संयुक्त आयोजन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), इंस्टीट्यूट इनोवेशन सेल (IIC) तथा कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत की संभावनाओं, चुनौतियों और अपेक्षाओं पर प्रकाश डालना था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. श्याम सुंदरम, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स – डेटा प्लेटफॉर्म इंजीनियरिंग एवं डेटा साइंस, बजाज फाइनेंस, पुणे महाराष्ट्र रहे। उन्होंने अपने संबोधन में एआई के बढ़ते प्रभाव, डिजिटल नवाचार और भारतीय उद्योग जगत में इसके उपयोग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आने वाले समय में शिक्षा, वित्त, स्वास्थ्य और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम के संरक्षक प्रो. अजय प्रकाश खरे, प्राचार्य, तथा मुख्य संरक्षक के रूप में चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह, अध्यक्ष, केपी ट्रस्ट का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। आयोजन में प्रो. अर्चना पांडे ,कन्वीनर, IIC, प्रो. सरिता श्रीवास्तव ,कोऑर्डिनेटर, IQAC, डॉ. सुनील कांत मिश्रा ,कन्वीनर, डीसीए सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सिस्टम एनालिस्ट डॉ. आशुतोष मिश्रा, रत्नेश कुमार दीक्षित, मनीष यादव, गौरव श्रीवास्तव एवं अनुराग सिंह ,कंप्यूटर फैकल्टी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षकों ने एआई के शैक्षणिक और व्यावहारिक पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने एआई से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा संतोषजनक उत्तर दिया गया। अंत में सुश्री शिवांगी श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य वक्ता, प्रबंधन एवं सभी उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम ने छात्रों में तकनीकी नवाचार और डिजिटल भविष्य के प्रति नई सोच एवं उत्साह का संचार किया। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
