राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन,राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 228442 वादो का रिकार्ड निस्तारण

प्रयागराज
उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रयागराज के तत्वाधान में जनपद न्यायालय, प्रयागराज व समस्त तहसीलो में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,प्रयागराज सत्य प्रकाश त्रिपाठी के द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर पीठासीन अधिकारी कमर्शियल कोर्ट प्रयागराज सुदामा प्रसाद उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत मे कुल 228442 वादो का निस्तारण किया गया।
जनपद न्यायाधीश प्रयागराज सत्य प्रकाश त्रिपाठी के द्वारा 04 सिविल वाद निस्तारित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत में फौजदारी के कुल 12149 वादों का निस्तारण किया गया। पारिवारिक न्यायालय द्वारा कुल 79 वादो का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। जनपद न्यायाधीश प्रयागराज के द्वारा द्वारा 08 जोड़ो को आपसी सुलह समझौते के आधार पर एक साथ रहने के लिए तैयार कर लिया गया और एक दूसरे को माला पहना कर मिठाई खिलाई गई।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रविन्द्र कुमार द्वितीय के द्वारा 34 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पीठासीन अधिकारी उत्तरी पर्वेंद्र कुमार शर्मा द्वारा 265 वादो का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पीठासीन अधिकारी दक्षिणी निकुंज मित्तल के द्वारा 108 वादो का निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी भूमि अधिग्रहण कृष्ण स्वरूप धर द्विवेदी के द्वारा कुल 08 वादों का निस्तारण किया गया। रविकांत द्वितीय अपर जनपद न्यायाधीश, ई0 सी0 एक्ट के द्वारा विधुत के 651 मामलो का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, त्रिशा मिश्रा के द्वारा 6242 वाद, विनय कुमार जायसवाल रेलवे मजिस्ट्रेट के द्वारा 2140 वाद, अपर मुख्य नायक मजिस्ट्रेट अरुण कुमार यादव के द्वारा 1008 वाद निस्तारित किए गए। राजस्व न्यायालयो के द्वारा कुल 108707 वादो का निस्तारण किया गया। दीक्षा श्री पीठासीन अधिकारी वर्चुअल कोर्ट के द्वारा 8325 चालानी वाद निस्तारित किए गए।बैंक के प्री-लिटिगेशन के 1782 मामले निस्तारित किये गये। रविकान्त-द्वितीय, नोडल अधिकारी/एडीजे, लोक अदालत के निर्देशन में समस्त विभागो से समन्वय स्थापित कर लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।
यह जानकारी शशि कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रयागराज के द्वारा दी गयी।
