Friday, March 20Ujala LIve News
Shadow

नीलम गौतम स्मृति श्री शक्ति अपराजिता सम्मान 2026 संपन्न 

नीलम गौतम स्मृति
श्री शक्ति अपराजिता सम्मान 2026 संपन्न 

प्रयागराज इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के विधि विभाग के बेनीगंज परिसर में कीर्ति शेष नीलम गौतम स्मृति श्री शक्ति अपराजिता समारोह सम्मान का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम महिलाओं के वैश्विक सम्मान एवं संदर्भ को समर्पित था और विधि विभाग इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के सहायक आचार्य एवं कवि डॉ श्लेष गौतम की माता की स्मृति में था।
कार्यक्रम का आयोजन विधि विभाग की ओर से किया था ।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान,उच्च न्यायालय,इलाहाबाद को सर्वप्रथम नीलम गौतम स्मृति श्री शक्ति अपराजिता सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया तत्पश्चात विधि विभाग की बात(07) सहायक आचार्य महिलाओं को भी उपरोक्त सम्मान से सम्मानित किया गया।सम्मान में शॉल,अंगवस्त्रम पुष्प गुच्छ,पुस्तक,मेडल,स्मृति चिन्ह तथा उपहार प्रदान किए गए।
सातों महिला सहायक आचार्य( विधि विभाग) जिन्हें नीलम गौतम स्मृति श्री शक्ति अपराजिता सम्मान 2026 प्रदान किया गया उनके नाम क्रमशः डॉ नीलम सिंह,डॉ मुक्ति जायसवाल,डॉ अनामिका सिंह, डॉ स्वाति,डॉ नेहा भारती,डॉ किरन सिंह एवं डॉ कृतिका सिंह।

प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत विधि विभाग की संयोजिका डॉ नीलम सिंह ने किया तथा कार्यक्रम के संदर्भ एवं उपयोगिता पर प्राचार्य प्रोफेसर अतुल कुमार सिंह ने संवाद किया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ श्लेष गौतम ने स्त्री शक्ति संदर्भित विषय पर अपने विचार रखें,छंद पढ़े तथा न्यायमूर्ति श्रीमती मंजू रानी चौहान द्वारा विधि के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियां एवं उनके प्रयासों पर संवाद किया तथा अपनी स्मृति शेष माता श्रीमती नीलम गौतम के साहित्यिक सांस्कृतिक एवं सामाजिक सरोकारों को रेखांकित करते हुए उनका स्मरण किया।

समारोह की मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्रीमती मंजू रानी चौहान ने स्त्रियों के योगदान उनके संकल्प बोध उनके शक्ति सामर्थ्य उनकी सोच पर प्रकाश डालते हुए कहा की मां-बाप द्वारा दिए गए संस्कार निश्चित रूप से किसी भी महिला,स्त्री,संतान के लिए एक मानक की तरह है जो उसको साहस,शक्ति-संवेदना सब कुछ प्रदान करते हैं तथा इस संदर्भ पर बात करते हुए आपने यह भी कहा की स्त्री और पुरुष दोनों के सह-सामंजस्य से ही स्वस्थ समाज और सर्जनात्मक विश्व का निर्माण होता है।
स्त्रियों के संदर्भ में बहुत सारे उदाहरण के साथ उनके सामाजिक,ऐतिहासिक,धार्मिक सांस्कृतिक,शैक्षिक सरोकारों को रेखांकित करते हुए आपने कहा की स्त्री वह वैश्विक शक्ति है जिसकी सकारात्मकता से समाज और संस्कार का निर्माण होता है।

इस अवसर पर पोस्टर प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को तथा डॉ स्वाति के निर्देशन में हुए नुक्कड़ नाटक के प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक मंडल में डॉ श्लेष गौतम डॉ पवन कुमार डॉ पंकज रावत डॉ स्वाती डॉ नेहा भारती एवं डॉ कृतिका सिंह रही तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर राहुल सहाय बिसारिया ने किया।
समस्त समारोह का संचालन छात्रा सल्तनत एवं छात्र अभिनव पांडे ने किया।
विशेष उपस्थिति अभिनय कोहली एवं अनुराग अरोरा की रही।
इस अवसर पर पूरा सभागार छात्र-छात्राओं एवं अतिथियों से भरा रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *