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पूनम संत महिला एवं विकास समिति के द्वारा निकाली गई आक्रोश रैली 

पूनम संत महिला एवं विकास समिति के द्वारा निकाली गई आक्रोश रैली 

पूनम संत महिला एवं विकास समिति के तत्वावधान में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को पारित न किए जाने के विरोध में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। रैली की शुरुआत धरना चौराहा से होकर सुभाष चौराहा, सिविल लाइंस, प्रयागराज तक की गई, जिसमें बड़ी संख्या में संस्था के पदाधिकारी, सखियाँ, मातृशक्ति एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।

रैली के दौरान प्रस्तुति देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भगवान राम की भूमिका में, गृह मंत्री अमित शाह को लक्ष्मण की भूमिका में तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भरत की भूमिका में दर्शाया गया। वहीं विपक्ष के नेताओं — राहुल गांधी , अखिलेश यादव , ममता बैनर्जी , एम के स्टालिन ,शरद पवार एवं अन्य विपक्षी दलों को रावण की भूमिका में दर्शाते हुए सुभाष चौराहे पर उनका पुतला दहन किया गया।

रैली को संबोधित करते हुए संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम संत ने कहा कि जिस प्रकार विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को विफल करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया और साजिश के तहत इस महत्वपूर्ण कानून को रोकने का प्रयास किया, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा विपक्षी दलों को आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा—चाहे वह पश्चिम बंगाल हो या तमिलनाडु। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जब नारी का सम्मान नहीं होगा, तो उनका भी कहीं नाम नहीं होगा।” उन्होंने आगे कहा कि यह बिल महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में 33% आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

इसके पश्चात संस्था की राष्ट्रीय संयोजिका इसबिल ब्रांडेश ने महिला आरक्षण बिल की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी सुनिश्चित करता है और समाज में उनकी भूमिका को और सशक्त बनाता है। उन्होंने विपक्ष की नारी विरोधी सोच की कड़ी निंदा की।

पूरे कार्यक्रम के कार्यक्रम संयोजक अनुराग संत रहे, जिन्होंने अपने संबोधन में महिला आरक्षण बिल की आवश्यकता और उसके महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को नेतृत्व और नीति-निर्माण में सशक्त भागीदारी प्रदान करेगा तथा समाज में समानता स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही नारे लगाए गए—
“नारी शक्ति जिंदाबाद!”
“नारी का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान!”

कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव अभिषेक संत, सीमा भारतीय, गुंजा देवी, मीरा देवी, सन्नो देवी, सतिकला, रीना दुबे, रति सिंह, प्रीति प्रजापति, ललिता अग्रहरि , सुनीता गुप्ता, लक्ष्मी रावत ,स्नेहा केसरवानी आदि अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अंत में यह रैली नारी सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण के समर्थन में एक मजबूत संदेश के रूप में सामने आई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति सम्मिलित हुई।

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