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मोबाइल कैमरे ने बदली फोटोग्राफी की दुनिया, हर हाथ में कैमरा और हर पल एक कहानी

मोबाइल कैमरे ने बदली फोटोग्राफी की दुनिया, हर हाथ में कैमरा और हर पल एक कहानी


प्रयागराज। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में फोटोग्राफी के बदलते स्वरूप, मोबाइल कैमरे के बढ़ते प्रभाव और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता पर वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि तकनीक ने फोटोग्राफी को आसान, सुलभ और आम लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बना दिया है।

वरिष्ठ फोटो पत्रकार जितेंद्र प्रकाश ने कहा कि बदलते दौर के साथ फोटोग्राफी में भी व्यापक परिवर्तन आया है। आज लगभग हर व्यक्ति के हाथ में मोबाइल कैमरा है और वह अपने जीवन के हर महत्वपूर्ण पल को कैमरे में कैद कर रहा है। फोटोग्राफी अब केवल पेशेवर फोटोग्राफरों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है। हर उम्र के लोग फोटोग्राफी की ओर आकर्षित हो रहे हैं और अपने नजरिए से दुनिया को तस्वीरों के माध्यम से सामने रख रहे हैं।

मुख्य वक्ता चार्टर्ड अकाउंटेंट अनिल गुप्ता ने कहा कि मोबाइल फोन ने फोटोग्राफी को बेहद आसान बना दिया है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले यात्रा पर जाते समय कैमरा साथ ले जाना जरूरी होता था। परिवार में भी वह अकेले फोटोग्राफी करते थे, लेकिन अब उनकी पत्नी और बेटी उनसे अधिक फोटोग्राफी करती हैं। वे मोबाइल से बेहतरीन तस्वीरें लेती हैं और जरूरत पड़ने पर फोटो की एडिटिंग भी तुरंत मोबाइल पर कर लेती हैं।

विशिष्ट अतिथि समाजसेवी मोहित पाण्डे ने कहा कि उनके काम में अक्सर तस्वीरों की आवश्यकता पड़ती है और कई बार किसी घटना या गतिविधि की फोटो तत्काल चाहिए होती है। मोबाइल कैमरे ने यह काम बेहद आसान कर दिया है। अब किसी खास मौके पर फोटोग्राफर का इंतजार करने के बजाय वह स्वयं उसी क्षण तस्वीर ले लेते हैं।

डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि चिकित्सा क्षेत्र में भी फोटोग्राफी का महत्वपूर्ण योगदान है। कई बार मरीज की स्थिति को उपचार से पहले और उपचार के बाद रिकॉर्ड करने के लिए तस्वीरें ली जाती हैं। आज मोबाइल फोन के कैमरे इतने उन्नत हो गए हैं कि इनसे भी उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें आसानी से ली जा सकती हैं।

जेन जी फोटोग्राफर ने कहा कि एनालॉग फोटोग्राफी के दौर में तस्वीर लेना काफी कठिन और समय लेने वाला काम था। फिल्म, कैमरा और प्रोसेसिंग की अपनी अलग प्रक्रिया थी। अब ऑटोमैटिक कैमरों, आधुनिक लेंस और डिजिटल तकनीक ने फोटोग्राफी को काफी आसान बना दिया है। मोबाइल कैमरे ने तो इसे हर व्यक्ति की पहुंच तक पहुंचा दिया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। अंत में समाजसेवी पवन गुप्ता ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर समाजसेवी मनोज कुमार सिंह, दिलीप सिंह, विकास सिंह, वीरेंद्र प्रकाश, कमरूल हसन, शशांक शेखर दुबे, अवधेश मिश्रा सहित कई छायाकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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