मुख्यमंत्री राहत कोष व चैरिटी अस्पतालों के संयुक्त प्रयास से विधान भवन में पहली बार लगा पत्रकारों के लिए विशाल चिकित्सा कैंप
600 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने किया 925 पत्रकारों का स्वास्थ्य परीक्षण
मुंबई श्रीकेश चौबे:- मुख्यमंत्री राहत कोष
और चैरिटी हॉस्पिटल हेल्प डेस्क के साथ मिलकर विधान भवन में गुरुवार को पत्रकारों के लिए स्पेशल हेल्थ चेक-अप और इलाज कैंप आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने अलग-अलग चेक अप और चिकित्सा कैंप का दौरा किया और पत्रकारों की सेहत के बारे में पूछा। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष एडवोकेट. राहुल नार्वेकर, विधान परिषद के उप सभापति सचिन अहीर, विधायक योगेश सागर, विधायक अभिमन्यु पवार वगैरह के साथ साथ अलग-अलग पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी और पत्रकार मौजूद थे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पत्रकारों का काम 24 घंटे लगातार चलता रहता है। काम का कोई तय शेड्यूल न होने की वजह से उन्हें अक्सर सड़क पर, घटनास्थल पर और रात में घंटों काम करना पड़ता है। इससे उनकी हेल्थ पर असर पड़ना स्वाभाविक है। अक्सर रेगुलर हेल्थ चेक अप न होने की वजह से बीमारी का पता तब चलता है जब वह बिगड़ चुकी होती है। ऐसे में ऐसे हेल्थ चेक अप कैंप के जरिए शुरुआती लक्षणों को समय पर पहचानकर तुरंत इलाज किया जा सकता है। इस कैंप में
जे.जे. हॉस्पिटल, जी.टी. हॉस्पिटल, सेंट जॉर्ज, कामा हॉस्पिटल, गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज, आर.ए. पोद्दार, के.जी. मित्तल, मुंबादेवी हॉस्पिटल, कूपर हॉस्पिटल, नायर, बॉम्बे हॉस्पिटल, हिंदुजा हॉस्पिटल, रिलायंस हॉस्पिटल और सेफी हॉस्पिटल के साथ-साथ म्युनिसिपल अस्पतालों के लगभग 600 डॉक्टर्स और दूसरे सहायक शामिल हुए। सुबह 9 बजे से शाम 4:30 बजे तक, लगभग 892 पत्रकारों और दूसरे लोगों की जांच और इलाज किया गया। इसके अलावा, कुछ पत्रकारों को सरकारी अस्पतालों में रेफर किया गया।
पत्रकारों और उनके परिवारों को बीमारी की हालत में जरूरी मदद और कोऑर्डिनेशन देने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक अलग नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। संबंधित ऑफिसर पत्रकारों और उनके परिवारों को जरूरी इलाज, सर्जरी या मेडिकल कोऑर्डिनेशन में मदद करेगा। मुख्यमंत्री फडणवीस ने साफ किया कि यह पक्का करने की कोशिश की जा रही है कि पत्रकार सिर्फ इसी हेल्थ चेक-अप कैंप तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें पूरे साल लगातार जरूरी हेल्थ मदद दी जाए।
इस आयोजन के जरिए मुख्यमंत्री राहत कोष और चैरिटेबल हॉस्पिटल हेल्प डेस्क हेड
रामेश्वर नाइक की पहल पर, पत्रकारों को एक ही जगह पर अलग-अलग एक्सपर्ट डॉक्टरों से हेल्थ चेक-अप और जरूरी मेडिकल गाइडेंस मिला। पत्रकारों ने अपनी प्रतिक्रिया दी कि मुख्यमंत्री राहत कोष और चैरिटेबल हॉस्पिटल हेल्प डेस्क के जरिए शुरू की गई यह पहल पत्रकारों की हेल्थ को बेहतर बनाने के लिहाज से अहम रही है।
इस कैंप में अलग-अलग मेडिकल डिपार्टमेंट के जरिए पत्रकारों का पूरा हेल्थ चेक-अप किया गया। रिलायंस अस्पताल के मशहूर डॉक्टर आकाश शुक्ला, न्यूरोलॉजिस्ट और महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के कुलगुरु डॉ. वेंकट गीते, जे. जे. अस्पताल के डीन डॉ. अजय भंडारवार, पुणे बी. जे. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एकनाथ पवार, वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. तात्यासाहेब लहाने, पेट की बीमारी के विशेषज्ञ डॉ. अमित मायदेव, मोटापा रोकने की एक्सपर्ट डॉ. जयश्री तोडकर, लिवर ट्रांसप्लांट और गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. विभा वर्मा, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. कल्याण मुंडे, जनरल मेडिसिन के डॉ. मधुकर गायकवाड़ और अलग-अलग फील्ड के दूसरे विशेषज्ञों ने पत्रकारों से बातचीत की और हेल्थ चेक-अप किया और उन्हें गाइड किया।
