प्रयागराज में प्रसव के दौरान महिला की मौत का मामला, मुकदमा दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई न होने से आक्रोश

प्रयागराज जिले में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत का के मामले में सीएमओ की जांच के बाद मुकदमा दर्ज हुआ किंतु कोई भी कार्रवाई न होने से आक्रोश व्याप्त है दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग। मृतका के पति दीनानाथ मौर्य (निवासी: पट्टी, नरेंद्रपुर, जौनपुर) ने करेली 60 फीट रोड स्थित ‘नाज़ फातिमा हॉस्पिटल’ के प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी को 17 जुलाई 2026 को डिलीवरी के लिए नाज़ फातिमा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। अस्पताल में उनकी पत्नी की डिलीवरी हुई और बच्चे का जन्म भी हुआ, लेकिन कुछ ही घंटों में महिला की तबीयत बिगड़ने लगी।
पति का आरोप है कि अस्पताल की तरफ से उन्हें प्रसव के दौरान या उसके बाद अत्यधिक ब्लीडिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। रात के समय भी अस्पताल के कर्मचारियों ने यही कहा कि सब कुछ नॉर्मल है और सुबह 11 बजे तक मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।लेकिन बाद में बताया गया कि महिला और बच्चे की मौत हो चुकी है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में पीड़ित ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत सभी जगह की। सीएमओ ने आप की जांच की तथा दोषी पाया गया इसके बाद मुकदमा संबंधित थाने में दर्ज कर लिया गया।
मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने उच्च अधिकारी और मुख्यमंत्री से दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा हॉस्पिटल सील करने की मांग की है जिससे फिर कोई निर्दोष की जान ना जा सके।
