हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज में हिंदी दिवस एवं राजभाषा पखवाड़े का भव्य समापन

हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज, प्रयागराज
(स्नातकोत्तर संघटक महाविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज)
हिंदी दिवस एवं राजभाषा पखवाड़ा — 2026
हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज, प्रयागराज में 2 सितंबर से 15 सितंबर 2026 तक हिंदी दिवस एवं राजभाषा पखवाड़े का आयोजन विविध शैक्षणिक, साहित्यिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि एवं सम्मान की भावना विकसित करना, हिंदी के व्यवहारिक प्रयोग को प्रोत्साहित करना तथा राजभाषा के रूप में हिंदी की उपयोगिता एवं महत्त्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।
पखवाड़े के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं, व्याख्यानों एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विशेष व्याख्यान एवं विचार-विमर्श
हिंदी दिवस एवं राजभाषा पखवाड़े के अंतर्गत 10 सितंबर 2026 को विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रो. मुश्ताक अली, हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने हिंदी भाषा एवं साहित्य के विविध पक्षों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया।हिंदी भाषा के महत्व, साहित्यिक समृद्धि तथा वर्तमान समय में हिंदी की प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
11 सितंबर 2026 को आयोजित विशेष व्याख्यान में प्रो. कुमार वीरेन्द्र सिंह, हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने हिंदी के राजभाषा स्वरूप, उसके व्यावहारिक प्रयोग तथा शैक्षणिक एवं प्रशासनिक क्षेत्रों में हिंदी की भूमिका पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।
उन्होंने “डिजिटल युग में हिंदी भाषा का भविष्य” विषय पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। उन्होंने डिजिटल एवं तकनीकी युग में हिंदी की बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
प्रो. कुमार वीरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में हिंदी साहित्य के विकास में महिला साहित्यकारों के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डालते हुए महादेवी वर्मा एवं सुभद्रा कुमारी चौहान के साहित्यिक योगदान की भी विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी साहित्य को समृद्ध करने के साथ-साथ नारी चेतना, संवेदना और राष्ट्रप्रेम को भी सशक्त स्वर प्रदान किया।
कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. नसीहा उस्मानी ने प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथियों, आमंत्रित अतिथियों, शिक्षकगण, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत करते हुए हिंदी दिवस एवं राजभाषा पखवाड़े की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत का महत्वपूर्ण अंग है और इसके विकास एवं प्रसार में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के अध्ययन के साथ-साथ दैनिक जीवन एवं अकादमिक गतिविधियों में हिंदी के प्रयोग के लिए प्रेरित किया और हिंदी को हमारी साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत की महत्वपूर्ण भाषा बताते हुए छात्राओं को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया।
हिंदी के उद्भव एवं विकास पर व्याख्यान
कार्यक्रम में हिंदी विभाग की संयोजक प्रो. नसरीन बेगम ने ‘हिंदी का उद्भव एवं विकास तथा हिंदी भाषा का महत्त्व’विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
उन्होंने हिंदी भाषा की विकास-यात्रा पर प्रकाश डालते हुए उसके विभिन्न भाषायी एवं साहित्यिक पड़ावों की चर्चा की। साथ ही उन्होंने हिंदी की व्यापकता, उसकी संप्रेषणीय क्षमता तथा भारतीय समाज एवं संस्कृति को जोड़ने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने तथा हिंदी को केवल विषय के रूप में नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति एवं ज्ञान के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
अंतर-महाविद्यालयीय प्रतियोगिताएँ
राजभाषा पखवाड़े के अंतर्गत विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न अंतर-महाविद्यालयीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
इन प्रतियोगिताओं में जगत तारन गर्ल्स डिग्री कॉलेज, आर्य कन्या गर्ल्स डिग्री कॉलेज, सी.एम.पी. डिग्री कॉलेज, ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज तथा हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिताओं में छात्र एवं छात्राओं दोनों ने भाग लेकर अपनी भाषायी, साहित्यिक एवं रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया।
आयोजित प्रमुख प्रतियोगिताएँ निम्नलिखित थीं—
इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के विभिन्न रूपों—मौखिक अभिव्यक्ति, साहित्यिक सृजन, लेखन, अनुवाद, तकनीकी प्रयोग तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति—में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
विभिन्न महाविद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को अंतर-महाविद्यालयीय स्वरूप प्रदान किया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साह, आत्मविश्वास एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ भाग लिया।
पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरण
समापन समारोह में प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी हिंदी भाषा एवं साहित्य से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया गया।
पुरस्कार वितरण के अवसर पर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह एवं प्रसन्नता दिखाई दी। इस अवसर ने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी रचनात्मक प्रतिभा को आगे विकसित करने की प्रेरणा प्रदान की।
समापन समारोह एवं विशेष व्याख्यान
हिंदी दिवस एवं राजभाषा पखवाड़े के समापन अवसर पर आज महाविद्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रो. ललसा यादव, हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रही , आज उनका विशेष व्याख्यान हुआ। उन्होंने हिंदी भाषा-विज्ञान के विकास पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए हिंदी भाषा की विकास-यात्रा एवं भाषा-विज्ञान के विभिन्न पक्षों की चर्चा की। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत की भाषायी विविधता हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है। उन्होंने सभी भारतीय भाषाओं के महत्त्व और उनके संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया तथा विद्यार्थियों को प्रत्येक भाषा के प्रति सम्मान एवं सकारात्मक दृष्टिकोण रखने के लिए प्रेरित किया।
हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज में आयोजित हिंदी दिवस एवं राजभाषा पखवाड़ा 2026 ज्ञान, साहित्य, भाषा, संस्कृति एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति का सार्थक संगम रहा। पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि, सम्मान एवं आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता ने इस आयोजन को व्यापक एवं अंतर-महाविद्यालयीय स्वरूप प्रदान किया। भाषण, काव्य-पाठ, हिंदी टंकण, टिप्पण एवं लेखन, निबंध, अनुवाद, कहानी लेखन, पत्र लेखन तथा चित्र लेखन जैसी प्रतियोगिताओं ने हिंदी के विविध आयामों को सामने रखा।
इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश सशक्त रूप से स्थापित हुआ कि हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना, विचार और सामाजिक एकता की महत्वपूर्ण कड़ी है। हिंदी का सम्मान, संवर्धन एवं व्यवहारिक प्रयोग हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस प्रकार हिंदी दिवस एवं राजभाषा पखवाड़े का समापन आयोजन अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का मंच संचालन प्रो. नसरीन बेगम द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। उनके प्रभावी, गरिमापूर्ण एवं सुव्यवस्थित मंच संचालन ने पूरे कार्यक्रम को रोचक और जीवंत बनाए रखा। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत करते हुए अतिथियों एवं वक्ताओं का परिचय कराया तथा विद्यार्थियों की सहभागिता को प्रोत्साहित किया। उनके कुशल मार्गदर्शन में राजभाषा पखवाड़ा एवं हिंदी दिवस का समापन कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. नाज़मा हाशमी द्वारा धन्यवाद ज्ञापनप्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथियों, महाविद्यालय की प्राचार्या, हिंदी विभाग, समस्त शिक्षकगण, कर्मचारियों, विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिभागियों तथा विद्यार्थियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी सदस्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग एवं सहभागिता से हिंदी दिवस एवं राजभाषा पखवाड़े का आयोजन गरिमापूर्ण एवं सफल रूप से संपन्न हो सका।
